बर्खास्त होने के बाद राजभर ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले का स्वागत करता हूं। भाजपा पिछले एक साल से मुझे सरकार से बाहर करने का रास्ता तलाश रही थी। भविष्य में फिर से भाजपा में शामिल होने पर राजभर ने कहा कि राजनीति में विकल्प हमेशा खुले रहते हैं। अभी फिलहाल मैं अपने मुद्दों को लेकर समाज के बीच जाऊंगा और अकेले 2022 के चुनाव की तैयारी करूंगा।
राजभर ने कहा कि मैंने सिर्फ एक सीट पर ही अपने सिम्बल पर चुनाव लड़ने की मांग की थी लेकिन भाजपा मुझे खत्म कर अपने सिंबल पर चुनाव लड़ाना चाहती थी। इसलिए मैंने मना कर दिया।
राजभर ने कहा कि मैं सत्ता लोलुप नहीं हूं। बाबासाहेब को भी दलितों की आवाज उठाने के लिए पद छोड़ना पड़ा था। मंत्रिमंडल से हटना मेरे लिए भी आश्चर्य की बात नहीं है।