लखीमपुर खीरी में राज्यसभा सदस्य रवि प्रकाश वर्मा की बेटी डॉ. पूर्वी वर्मा चुनाव मैदान में हैं। पूर्वी के दादा, दादी व पिता यहां सांसद रह चुके हैं। इसी सीट पर पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद जफर अली नकवी की हार-जीत का फैसला भी इसी चरण में होगा। फर्रुखाबाद में पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के भविष्य का फैसला होगा।
मिश्रिख (सुरक्षित) सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रामलाल राही की पुत्र वधू मंजरी राही का इम्तिहान होना है। हरदोई सुरक्षित सीट पर पूर्व सांसद उषा वर्मा की राजनीतिक हैसियत भी 29 अप्रैल को तय होगी।
इटावा में मुलायम परिवार की परीक्षा
इटावा (सुरक्षित) लोस सीट पर भाजपा प्रत्याशी व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. राम शंकर कठेरिया, सपा के कमलेश कठेरिया व कांग्रेस से पूर्व सांसद अशोक दोहरे की किस्मत का निर्णय होगा। इटावा मुलायम सिंह यादव का गृह जनपद है। इस सीट पर यादव परिवार की परीक्षा होगी। बुंदेलखंड की हमीरपुर, जालौन व झांसी सीटों पर भी सपा-बसपा गठबंधन की प्रतिष्ठा दांव पर है।
चौथे चरण में जिन 13 लोकसभा सीटों पर 29 अप्रैल को वोट पड़ेंगे, उनमें वर्ष 2014 में भाजपा विजयी रही थी। जबकि कन्नौज सीट से सपा की डिम्पल यादव ने जीत दर्ज की थी।
13 लोकसभा सीटों में शाहजहांपुर सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, कानपुर में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना और हरदोई सीट पर सपा से भाजपा में गए पूर्व राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल की प्रतिष्ठा दांव पर है।