अखिलेश यादव और योगी की तरह दिखने वाले सुरेश ठाकुर
- फोटो : ट्वीटर
साल 2014 के
लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के हमशक्ल होने का फायदा उठाकर प्रचारक बन मोदी के लिए वोट मांगने वाले अभिनंदन पाठक इस बार भाजपा से खफा होकर राजनाथ सिंह के खिलाफ खुद चुनाव मैदान में उतरे। वहीं सपा अध्यक्ष ने भी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जैसा दिखने वाले सुरेश ठाकुर के साथ सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की।
इन दोनों हमशक्लों ने राजनीतिक छींटाकशी को और बढ़ा दिया। योगी आदित्यनाथ ने अपने हमशक्ल को अखिलेश के देखते ही, सपा अध्यक्ष पर तीखी टिप्पणी दे डाली। वहीं अभिनंदन पाठक ने भाजपा से नाराजगी के बाद कांग्रेस में शामिल हुए, लेकिन टिकट न मिलने के कारण निर्दलीय चुनाव लड़ें। अभिनंदन तो इस बात से इतने नाराज हो गए कि उन्होंने बयान दे डाला कि वाराणसी में मोदी और लखनऊ में राजनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
पीएम मोदी जैसा दिखने और वैसा ही आधी बांह का कुर्ता-पायजामा पहनने वाले अभिनंदन ने बताया कि वह डुप्लीकेट नहीं बल्कि गम्भीर प्रत्याशी हैं। उन्होंने कहा कि वह जुमलेबाजी के खिलाफ हैं और चुनाव जीतने के बाद वह पीएम पद के लिए राहुल गांधी का समर्थन करेंगे।
मूलत: सहारनपुर के रहने वाले पाठक पिछले साल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिये अनेक रैलियां की थी। लखनऊ में पांचवें चरण के तहत आगामी छह मई को मतदान होगा।
उधर पूर्व सीएम अखिलेश यादव हाल में चुनावी सभाओं में गेरुआ वस्त्र धारी एक शख्स को लेकर पहुंचे। उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ का हमशक्ल बताया गया। इस पर खूब हंगामा हुआ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अखिलेश के इस कदम पर उन्हें घेरा। सियासत में हमशक्ल की एक नई जंग छिड़ गई, लेकिन राजनीति में 'हमशक्ल' की सियासत कोई नई नहीं। कहीं नरेंद्र मोदी के हमशक्ल लोगों की अटेंशन पाते हैं, तो कहीं राहुल गांधी से मिलता जुलता चेहरा लोगों का ध्यान खींचता है।
आंबेडकर स्मारक पार्क समिति में प्लांट ऑपरेटर और संयुक्त ऑल स्मारक पार्क समिति में अध्यक्ष रहे सुरेश ठाकुर अचानक चर्चा में आ गए। सुरेश ठाकुर चर्चा में अचानक अपने योगी लुक के चलते आए, जिनको पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने साथ न सिर्फ हेलिकॉप्टर में घुमाया, बल्कि अपनी रैलियों में भी ले गए।
सुरेश ठाकुर कहते हैं कि वह तो हमेशा जींस टी शर्ट, कोट पैंट और सामान्य से कपड़े ही पहनते थे। इस लोकसभा चुनाव में उन्होंने लखनऊ से अपना नामांकन कराया था, लेकिन पर्चा खारिज हो गया। उसके बाद उनका रुख बदल गया। वह बुद्ध की शरण में चले गए और उसी तरह के कपड़े पहनने लगे।
इसी दौरान उनकी मुलाकात अखिलेश यादव से हुई और देखते देखते ही सुरेश ठाकुर उनकी रैलियों में बतौर योगी आदित्य नाथ के हमशक्ल पहुंचने लगे। अखिलेश के सुरेश ने फैजाबाद और बाराबंकी की जनसभाएं की। वह कहते हैं कि उनके जाने से लोगों के चेहरे पर हंसी आती है। वह अपने संबोधन में लोगों के दर्द पर मरहम लगाते हैं। सुरेश की इच्छा मायावती से मिलने की है।