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लोकसभा चुनाव 2019 : पार्टियों में मुस्लिमों का वोट लेने की होड़ पर टिकट देने में कंजूसी

Sat, 20 Apr 2019 06:36 PM IST
Amulya Rastogi महेंद्र तिवारी, अमर उजाला लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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सपा-बसपा-रालोद गठबंधन हो या कांग्रेस। इनमें होड़ चल रही है कि कौन किससे ज्यादा मुसलमानों के वोट हासिल कर ले। लेकिन टिकट देने में यह होड़ नहीं दिख रही है।
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ठबंधन ने पिछली बार सपा-बसपा को मिलाकर जितने मुसलमानों को टिकट दिए गए थे उससे कम को इस बार टिकट दिया है। मुस्लिम उम्मीदवार बनाने का कांग्रेस का आंकड़ा भी पिछली बार की बराबरी पर ठहर गया है।

प्रदेश में मुस्लिम आबादी करीब 19.26 प्रतिशत है। प्रदेश में लोकसभा की 13 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम 30 प्रतिशत से ज्यादा हैं। 15 प्रतिशत से अधिक आबादी वाली सीटों की संख्या 32 है।
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मगर प्रदेश के प्रमुख दलों से मुस्लिम प्रत्याशी उतारे जाने की बात करें तो बसपा-सपा ने इस वर्ग को टिकट देने में जमकर कंजूसी की है। 

सपा, बसपा व कांग्रेस ने लोकसभा के पिछले चुनाव में 41 मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया था। इस बार इन दलों से मुस्लिम प्रत्याशियों की संख्या फिलहाल 19 है।

सपा और कांग्रेस से जिन सीटों पर प्रत्याशी उतारे जाने बाकी हैं, उनमें भी अधिकतर एक या दो मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट मिलने की उम्मीद है। 

सपा : 2014 में 13, इस चुनाव में 4 को ही मौका

सपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में 80 में से 78 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से 13 सीटों पर मुस्लिम नेताओं को मौका दिया था। सपा-बसपा-रालोद गठबंधन में सपा को 37 सीटें मिली हैं। इनमें 30 प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। इनमें मात्र पांच सीटों पर ही मुस्लिमों को टिकट दिए गए हैं। बाकी सीटों में कोई मुस्लिम प्रत्याशी आएगा, इसके आसार भी काफी कम हैं।

बसपा : पिछले चुनाव में 19, इस बार 6 को मौका
बसपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सभी 80 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। पार्टी ने तब 19 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी बनाए थे। इस बार बसपा को गठबंधन में 38 सीटें मिली है। पार्टी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों का एलान कर चुकी है। इनमें सिर्फ छह मुस्लिम हैं।

कांग्रेस : इस बार भी सिर्फ नौ

कांग्रेस ने पिछली बार के बराबर इस बार भी नौ मुसलमानों को टिकट दिया है। कांग्रेस ने इस चुनाव में सपा और रालोद नेताओं के समर्थन में 6 और दो सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ दी हैं। बाकी 72 सीटों में से पार्टी 66 पर प्रत्याशियों का एलान कर चुकी है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने पिछले चुनाव में 80 में से 67 सीटों पर चुनाव लड़ा था। 13 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी थी। तब भी नौ मुसलानों को टिकट दिए थे।

भाजपा : तब न अब
भाजपा ने पिछली बार एक भी सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारा था। इस बार भी भाजपा ने एक भी मुसलमान को यूपी में टिकट नहीं दिया है। गौर करने वाली बात है कि भाजपा इसीलिए मुसलमानों के वोट लेने की होड़ में नहीं फंसती है।

सपा के मुस्लिम प्रत्याशी

सीट    प्रत्याशी
कैराना    तब्बसुम हसन
मुरादाबाद    एसटी हसन
रामपुर    आजम खान
संभल    शफीकुर्रहमान बर्क

बसपा के मुस्लिम प्रत्याशी
सीट    प्रत्याशी

सहारनपुर    हाजी फजर्लुरहमान
अमरोहा    कुंवर दानिश अली
मेरठ    हाजी मोहम्मद याकूब
धौरहरा    अरशद अहमद सिद्दीकी
डुमरियागंज    आफताब आलम
गाजीपुर    अफजाल अंसारी
 

कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशी

सीट    प्रत्याशी
सहारनपुर    इमरान मसूद
बिजनौर    सीमुद्दीन सिद्दीकी
मुरादाबाद    मरान प्रतापगढ़ी
बदायूं    सलीम इकबाल शेरवानी
खीरी    जफर अली नकवी
सीतापुर    कैसरजहां
फर्रुखाबाद    सलमान खुर्शीद
संतकबीरनगर    परवेज खान
देवरिया    नियाज अहमद 

32 सीटों पर बड़ा फर्क डाल सकते हैं मुस्लिम

प्रदेश में 32 सीटों पर मुसलमानों की संख्या बड़ा फर्क डालने वाली है। 13 सीटें सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, नगीना, मेरठ, कैराना, मुरादाबाद, संभल, बरेली, रामपुर, बहराइच और श्रावस्ती मुस्लिम बहुल हैं। यहां मुस्लिमों की आबादी 30 फीसदी से भी ज्यादा है। वहीं, 32 सीटें ऐसी हैं जहां 15 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम हैं।

मौजूदा लोकसभा में मुस्लिम नुमाइंदगी के लिए चौथे साल तक इंतजार
प्रदेश से सर्वाधिक 18 मुस्लिम सांसद 1980 के लोकसभा चुनाव में चुने गए थे।  2014 के लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने से मुस्लिम मतों का इस कदर बंटवारा हुआ कि एक भी सीट पर मुस्लिम सांसद नहीं जीत पाए थे।

कैराना के भाजपा सांसद हुकुम सिंह की मृत्यु के बाद 2018 में लोकसभा का उपचुनाव हुआ। तब रालोद की तब्बसुम जीती थीं। उपचुनाव में रालोद को सपा व बसपा का समर्थन हासिल था। तबब्सुम ने यूपी से लोकसभा में मुस्लिम सांसद के रूप में नुमाइंदगी दर्ज कराई।
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यूपी से मुस्लिम सांसदों की संख्या

1980    18
1984    12
1989    8
1991    3
1996    5
1998    6
1999    8
2004    10
2009    7
2014    0
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