फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्राउंड रिपोर्ट बहराइच: कहीं मोदी लहर तो कहीं अखिलेश का काम, विकास की चर्चा पर जाति-धर्म हावी

Sun, 05 May 2019 04:32 AM IST
देव कश्यप अजीत बिसारिया, अमर उजाला, बहराइच
विज्ञापन
अक्षयवर लाल गोंड (भाजपा), सावित्री बाई फुले (कांग्रेस) और शब्बीर अहमद वाल्मीकि (गठबंधन)
विज्ञापन

इस सुरक्षित सीट पर पीएम नरेंद्र मोदी की लहर भी दिखती है तो सपा अध्यक्ष अखिलेश का काम भी बोलता है। दूसरी ओर, कांग्रेस पूरे क्षेत्र में खड़े होने की जद्दोजहद में है। यूं तो हर वर्ग में पांच साल में आए बदलावों की चर्चा है, पर यहां वोट को लेकर जाति-धर्म का मसला ज्यादा हावी दिखा। मोदी मैजिक के आगे सपा-बसपा गठबंधन चट्टान की तरह खड़ा हो गया है। यही वजह है कि यहां जीत-हार का आकलन कर पाना मुश्किल है। मुस्लिम बहुल इस सीट पर गठबंधन से शब्बीर अहमद वाल्मीकि मैदान में हैं। 2014 की मोदी लहर में वह 36 प्रतिशत वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे थे। तब शब्बीर सपा के प्रत्याशी थे। भाजपा ने बलहा विधायक अक्षयवर लाल गोंड को उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा की बागी सांसद सावित्री बाई फुले को टिकट दिया है। 

विज्ञापन


इस सीट पर मुसलमान करीब 32 प्रतिशत हैं। ब्राह्मण, यादव, वैश्य, कुर्मी और क्षत्रिय भी निर्णायक हैं। 2014 की तरह सामान्य और अति पिछड़ा वर्ग में मोदी का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। वहीं, अधिकतर मुस्लिम और यादव मतदाताओं की पहली पसंद गठबंधन है। बसपा का परंपरागत गौतम मतदाता थोड़े-बहुत संशय के साथ गठबंधन के साथ है। ऐसे में अगर गठबंधन प्रत्याशी कुर्मी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में कामयाब रहे तो भाजपा की राह आसान नहीं रह जाएगी।

बहराइच में लखनऊ रोड पर टिकोरा मोड़ से सीतापुर की तरफ बढ़ने पर बेड़नापुर बाजार में श्यामू तिवारी की चाय की दुकान है। अमृत लाल तिवारी बड़े भरोसे के साथ कहते हैं, हमारे यहां से मोदी जीतेंगे। भारत कश्यप और सुभाष भी समर्थन करते हैं। वे गठबंधन को दूसरे नंबर पर मानते हैं। पीर गुलाम और हलीम को लगता है कि टक्कर भाजपा-कांग्रेस में है। अंगनू अली और फजलुर्रहमान लड़ाई गठबंधन और भाजपा के बीच बताते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अस्थायी कार्मिक भी मुद्दा

महसी विधानसभा क्षेत्र का चर्चित केंद्र है-भगवानपुर चौराहा। यहां मिले प्रगतिशील किसान रामधीरज शर्मा कहते हैं कि कांग्रेस के समय एक डॉलर 59 रुपये का था, जो आज 74 रुपये का हो गया है। शिक्षामित्र, शिक्षा प्रेरक और आंगनबाड़ी वर्कर किसी को न्याय नहीं मिला। पार्टी तो कांग्रेस अच्छी है, लेकिन माहौल देखकर उन्हें गठबंधन प्रत्याशी आगे दिख रहा है। राजेंद्र प्रसाद राव और मनोज रावत भी गठबंधन को आगे मान रहे हैं। हालांकि, रामकुमार मिश्रा और हरि प्रसाद पासी का कहना है कि मोदी के कामों को देखते हुए भाजपा ही आगे रहेगी। भगवानपुर चौराहे पर मिलीं मंजू देवी कहती हैं कि हमारे इलाके से साइकिल (सपा-बसपा गठबंधन) निकल सकती है। खुद किसे वोट देंगी? मंजू देवी हंसते हुए कहती हैं, यह बताने की बात थोड़े ही है। 

समीकरण समझने के लिए इटहा काफी 
नानपारा में सात हजार वोटरों वाली ग्राम पंचायत है-इटहा। कई ग्रामीणों ने कहा, मोदी राज में विकास हुआ है। छुट्टा जानवरों से निजात के लिए गोशाला बन रही है। बिजली, गैस कनेक्शन और आवास मिले हैं। वोट हम मोदी को ही देंगे। वहीं, कुलदीप यादव कहते हैं कि कर्ज न चुकाने वालों को ही माफी मिली, हम समय से चुकाते हैं,  हमें राहत नहीं दी। हमारा टोला गठबंधन प्रत्याशी के साथ है। 7वीं और 8वीं के छात्र वीरेंद्र साहू, निखिल वाजपेयी कहते हैं कि मोदी ने हमारे गांव तक सड़क पहुंचाई। 

अधिकतर मुसलमान गठबंधन के साथ
रिसिया मोड़ पर मिले रंगीलाल बोले, गठबंधन के प्रत्याशी शब्बीर हमारे बीच के हैं। मो. फहीम कहते हैं कि 80 फीसदी मुसलमान गठबंधन के साथ हैं, लेकिन समाज के एक हिस्से का समर्थन कांग्रेस को भी मिल रहा है। मटेरा में भाजपा के एक जनप्रतिनिधि और शब्बीर की दोस्ती की भी चर्चा है। बहराइच शहर के युवा नितिन श्रीवास्तव और दीपक प्रजापति कहते हैं कि पाक के खिलाफ  मोदी बहादुरी भरे निर्णय ले रहे हैं। वोट मोदी को ही जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें