डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान।
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाल रोग विभाग ने नवजातों की गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान के लिए एआई आधारित मोबाइल एप लिवरपूप विकसित किया है। इस एप की लॉन्चिंग बुधवार को संस्थान में की जाएगी।
यह एप शिशुओं में लिवर से जुड़ी गंभीर समस्याओं की शुरुआती पहचान में सहायक होगा। एप मल के रंग का विश्लेषण कर बीमारी का संकेत देगा, जिससे समय पर जांच और इलाज संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, नवजातों में लिवर रोग अक्सर देर से पकड़ में आते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में यह तकनीक जीवनरक्षक साबित हो सकती है। एप को उपयोग में आसान बनाया गया है। इससे अभिभावक भी घर बैठे शुरुआती जांच कर सकेंगे। स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी उपयोगी टूल साबित होगा। खास बात यह है कि एप 40 भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें 22 भारतीय और 18 विदेशी भाषाएं हैं।