पूरे देश में जारी लॉक डाउन के दौरान लोगों को तरह-तरह की परेशानी भी उठानी पड़ी रही है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संकट की इस घड़ी में अगर कोई जरूरी सामानों की कालाबाजारी करता है, तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद से इमरजेंसी नंबर यूपी 112 पर लोड काफी बढ़ गया है।
बुधवार दोपहर तक 1100 से अधिक फोन काल सिर्फ कालाबाजारी की ?शिकायत को लेकर आ चुकी है। इसमें सबसे अधिक शिकायतें नोएडा और लखनऊ से है। एडीजी यूपी 112 असीम अरुण ने बताया कि यूपी में लॉक डाउन 23 मार्च से लागू है। पहले दिन जिन 16 जिलों में लॉक डाउन था वहां से 75 लोगों ने कालाबाजारी की शिकायत की थी।
दूसरे दिन यह आंकड़ा 350 से अधिक रहा और बुधवार को यह आंकड़ा सात सौ के करीब पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि लगातार लोग जरूरत के सामान को महंगा बेचने की शिकायत कर रहे हैं। ?फिलहाल मौके पर पुलिस पहुंच कर लोगों को समझा रही है और लोगों से एमआरपी से अधिक रेट पर सामान न बेचने के लिए कह रही है। वहीं अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती की जाएगी और रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कई स्थानों पर खाने के लिए राशन भी नहीं मौजूद
असीम अरुण ने बताया कि 112 पर बुधवार को कोरोना से संबंधित आठ हजार से अधिक मामले सामने आए। इसमें एक हजार से अधिक लोगों ने भूख की शिकायत की और पुलिस ने उन्हें खाना मुहैया कराया।इसमें सबसे अधिक 610 लोगों ने लखनऊ से मदद मांगी। लखनऊ पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि सुबह से कई थाना क्षेत्रों में लोगों को पुलिस ने खाना मुहैया कराया है। उन्होंने बताया कि पारा और काकोरी क्षेत्र में पता चलने पर पुलिस कर्मियों ने जरूरतमंद लोगों की मांग पर उनको खाना पहुंचाया।
ऐसे जज्बे को सलाम
यूपी 112 की एक महिला कांस्टेबिल ने एक ऐसी मिसाल पेश की जिसे अफसर भी सराहे बिना नहीं रह सके। यूपी 112 में कानपुर में तैनात महिला कांस्टेबिल मनीषा छुट्टियों में अपने घर गई हुई थी। छुट्टियां खत्म हुईं तो पूरा देश लॉक डाउन हो चुका था। मनीषा ने यूपी 112 के एडीजी असीम अरुण को फोन किया और पूरी बात बताई। मनीषा ने कहा कि वह ड्यूटी करना चाहती है। अगर संभव हो तो उसकी ड्यूटी गाजियाबाद में लगा दी जाए। महिला कांस्टेबिल के इस जज्बे को देख कर असीम अरुण ने सलाम किया और उसे हापुड़ में ही संबद्घ करने का फैसला किया।