मेट्रो रेल परियोजना के लिए पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) का अनुमोदन ला पाना अब अकेले एलएमआरसी के बस की बात नहीं रह गई है। दरअसल वित्त मंत्रालय ने कई मेट्रो परियोजनाओं की फाइल वापस की है।
वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि कॉरपोरेशन मिल कर एक मेट्रो पॉलिसी बनाएं, जिसके आधार पर पीआईबी अनुमोदन मिलेगा। जिसमें ये बताया जाएगा कि आखिरकार किस तरह से मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करेगा।
इस संबंध में शहरी विकास मंत्रालय वित्त मंत्रालय को जवाब देगा। इससे पहले शहरी विकास मंत्रालय ने इस संबंध में कई सवाल एलएमआरसी को भेजे हैं। इस तरह से एलएमआरसी की पीआईबी स्वीकृति अब फिर फंसती नजर आ रही है।
फिलहाल कॉरपोरेशन का कोई भी अधिकारी इस बात का जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। दूसरी ओर, राज्य सरकार के 100 करोड़ रुपये तो एलएमआरसी को मिल गए हैं, मगर अब तक सरकारी एजेंसियों के 190 करोड़ रुपये नहीं मिल सके हैं।