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लखनऊ मेट्रो के बजट में फंस रहा है ये पेंच

Thu, 16 Jul 2015 04:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मेट्रो रेल परियोजना के लिए पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) का अनुमोदन ला पाना अब अकेले एलएमआरसी के बस की बात नहीं रह गई है। दरअसल वित्त मंत्रालय ने कई मेट्रो परियोजनाओं की फाइल वापस की है।
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वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि कॉरपोरेशन मिल कर एक मेट्रो पॉलिसी बनाएं, जिसके आधार पर पीआईबी अनुमोदन मिलेगा। जिसमें ये बताया जाएगा कि आखिरकार किस तरह से मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करेगा।

इस संबंध में शहरी विकास मंत्रालय वित्त मंत्रालय को जवाब देगा। इससे पहले शहरी विकास मंत्रालय ने इस संबंध में कई सवाल एलएमआरसी को भेजे हैं। इस तरह से एलएमआरसी की पीआईबी स्वीकृति अब फिर फंसती नजर आ रही है।
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फिलहाल कॉरपोरेशन का कोई भी अधिकारी इस बात का जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। दूसरी ओर, राज्य सरकार के 100 करोड़ रुपये तो एलएमआरसी को मिल गए हैं, मगर अब तक सरकारी एजेंसियों के 190 करोड़ रुपये नहीं मिल सके हैं।

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एलएमआरसी निदेशक ने दिया ये जवाब

देश में 10 लाख से अधिक आबादी वाले सभी शहरों में मेट्रो रेल चलाई जानी है। जिसको लेकर वित्त मंत्रालय में जितनी भी मेट्रो की फाइलें पीआईबी अनुमोदन के लिए आईं थीं उनकी प्रगति रोक दी गई है।

वित्त मंत्रालय ने शहरी विकास मंत्रालय के सामने जिज्ञासा रखी है कि अगर 10 लाख से अधिक की आबादी वाले प्रत्येक शहर में मेट्रो रेल चलाई जाएगी तो केंद्रीय अंशदान के तौर पर सभी को 20 फीसदी बजट देना संभव नहीं होगा।

इसलिए कॉरपोरेशन खुद ही आर्थिक रूप से किस तरह से सुदृढ़ हो रहे हैं, इसकी जानकारी दी जाए। एलएमआरसी के निदेशक दलजीत सिंह ने बुधवार को मीडिया को जानकारी दी है कि हम जब ये जवाब दे देंगे तो इसके बाद में केंद्र में कुछ बात बन पाने की उम्मीद है। इससे पहले कुछ भी कहना मुश्किल होगा।
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