हैलट अस्पताल में हैवानियत की हदें पार करते हुए कर्मचारियों ने एक घायल महिला को वार्ड से उठाकर एंबुलेंस में ले जाकर गंगा बैराज पर फेंक दिया।
लावारिस और मानसिक रूप से कमजोर इस महिला की दवा-पट्टी, साफ-सफाई से बचने के लिए कर्मचारियों ने यह शर्मनाक हरकत की।
इतना ही नहीं जब बुधवार सुबह घायल युवती को नवाबगंज पुलिस लेकर हैलट पहुंची तो पांच घंटे तक उसे भर्ती ही नहीं किया गया। डॉक्टर और अफसर पुलिस वालों को टरकाते रहे। पुलिस ने सीएमओ तक मामला पहुंचाया तो तब जाकर पीड़िता को भर्ती किया गया।
पांच जुलाई की रात साढ़े नौ बजे जीआरपी इस युवती (30) को लेकर हैलट पहुंची थी। युवती के बाएं पैर की चार अंगुलियां कट गई थीं। जीआरपी के मुताबिक युवती ट्रेन से गिर गई थी।
हालांकि युवती ने कहा था कि उसे ट्रेन से धक्का दिया गया था। वह खुद को बिहार के बेगुसराय का निवासी बता रही थी।
बार-बार पूछने के बाद भी युवती ने अपना नाम नहीं बताया तो हड्डी रोग विभाग में डॉ. जीके सेंगर की यूनिट में उसे अज्ञात के रूप में भर्ती किया गया। युवती के पैर का ऑपरेशन हुआ और उसे वार्ड नंबर आठ में भर्ती करा दिया गया। तब से युवती वहीं भर्ती थी।