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एंबुलेंस में डालकर अस्पतालकर्मी महिला मरीज को फेंक आए गंगा बैराज

Thu, 16 Jul 2015 03:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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हैलट अस्पताल में हैवानियत की हदें पार करते हुए कर्मचारियों ने एक घायल महिला को वार्ड से उठाकर एंबुलेंस में ले जाकर गंगा बैराज पर फेंक दिया।
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लावारिस और मानसिक रूप से कमजोर इस महिला की दवा-पट्टी, साफ-सफाई से बचने के लिए कर्मचारियों ने यह शर्मनाक हरकत की।

इतना ही नहीं जब बुधवार सुबह घायल युवती को नवाबगंज पुलिस लेकर हैलट पहुंची तो पांच घंटे तक उसे भर्ती ही नहीं किया गया। डॉक्टर और अफसर पुलिस वालों को टरकाते रहे। पुलिस ने सीएमओ तक मामला पहुंचाया तो तब जाकर पीड़िता को भर्ती किया गया।

पांच जुलाई की रात साढ़े नौ बजे जीआरपी इस युवती (30) को लेकर हैलट पहुंची थी। युवती के बाएं पैर की चार अंगुलियां कट गई थीं। जीआरपी के मुताबिक युवती ट्रेन से गिर गई थी।
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हालांकि युवती ने कहा था कि उसे ट्रेन से धक्का दिया गया था। वह खुद को बिहार के बेगुसराय का निवासी बता रही थी।

बार-बार पूछने के बाद भी युवती ने अपना नाम नहीं बताया तो हड्डी रोग विभाग में डॉ. जीके सेंगर की यूनिट में उसे अज्ञात के रूप में भर्ती किया गया। युवती के पैर का ऑपरेशन हुआ और उसे वार्ड नंबर आठ में भर्ती करा दिया गया। तब से युवती वहीं भर्ती थी।
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जानें क्या बोले डॉक्टर

बुधवार सुबह तकरीबन 11 बजे युवती को लेकर नवाबगंज पुलिस सिपाही हैलट पहुंची तो ड्यूटी पर मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) डॉ. विनय कुमार चौंक पड़े। पहले दिन युवती का मेडिकल डॉ. विनय कुमार ने ही किया था।

डॉ. विनय ने पूछा यह युवती तो भर्ती थी, आप लोगों को कहां मिली। पुलिस वालों ने बताया कि यह गंगा बैराज पर लावारिस पड़ी थी। युवती के शरीर पर हैलट के ऑपरेशन थियेटर में पहना जाने वाला वस्त्र भी था।
बताया गया कि युवती के पास पहनने को कुछ नहीं था तो डॉक्टरों ने ऑपरेशन थियेटर में पहना जाने वाला वस्त्र दिया था।

हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि वार्डों में भर्ती मरीजों की निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। युवती वार्ड में भर्ती थी और ज्यादातर समय नीचे फर्श पर बैठी रहती थी।

वह खुद कहीं चली गई होगी, इसमें अस्पताल प्रशासन क्या कर सकता है। यह पूछने पर कि जब युवती के पैर का ऑपरेशन हुआ है, वह चलने-फिरने के लायक नहीं है तो खुद गंगा बैराज तक कैसे चली गई होगी तो डॉ. गुप्ता ने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं।

कर्मचारियों द्वारा युवती को फेंकने के सवाल पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि यदि कोई शिकायत आएगी तो जांच कराई जाएगी।
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