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लखनऊ-कानपुर वालों के लिए बुरी खबर

Fri, 23 Jan 2015 11:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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शासन भले ही लखनऊ-उन्नाव मेट्रो पर विचार कर रहा हो, पर एलएमआरसी इसके लिए तैयार नहीं है। तर्क यह है कि हम केवल सिटी लेवल परियोजना ही बनाते हैं। इसके आगे के लिए सरकार एक्सप्रेस वे बनाए। उन्नाव के लिए अलग से परियोजना लाई जा सकती है, मेट्रो से जोड़ना संभव नहीं।
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लखनऊ से उन्नाव के गंगा बैराज की दूरी करीब 55 किलोमीटर है। इस बीच में यूपीएसआईडीसी और लीडा के अनेक प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित हैं।

इसे लेकर कानपुर के मंडलायुक्त इफ्तिखारुद्दीन, जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब और केडीए वीसी जयश्री भोज की बुधवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन के साथ बैठक हुई थी।
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लखनऊ से उन्नाव के बीच संभावना से इंकार

मंडलायुक्त इफ्तिखारुद्दीन ने बताया था कि इस परियोजना पर आपसी सहमति बन गई है। जल्द ही इसकी एक फिजिबलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
 
शासन ने इसके लिए लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (लीडा), केडीए और यूपीएसआईडीसी को नोडल एजेंसी के रूप में चुना है।

मुख्य सचिव की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि उन्नाव और कानपुर राजधानी से सीधे जुड़े हैं, ऐसे में मेट्रो परियोजना का लाभ इन दोनों शहरों को मिलेगा।

एलएमआरसी के अफसरों का कहना है कि दिल्ली में फरीदाबाद और गुड़गांव तक मेट्रो प्रोजेक्ट का विकास किया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आवागमन अधिक होने की वजह से यह संभव था। लखनऊ से उन्नाव के बीच ऐसी कोई भी संभावना नहीं है।
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