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अब मतदाता पर्ची के पीछे दिखेगा गूगल मैप, पोलिंग बूथ खोजने में नहीं होगी परेशानी

Fri, 29 Mar 2019 11:51 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर
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मतदाताओं को इस बार लोकसभा चुनाव में अपना मतदान केंद्र खोजने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदान से पहले बीएलओ द्वारा वोटरों के घरों पर पहुंचाई जाने वाली मतदाता पर्ची के पीछे संबंधित मतदान केंद्र का गूगल मैप छपा मिलेगा। इससे बिना किसी परेशानी व पूछतांछ के मतदाता अपने निर्धारित मतदान केंद्र तक आसानी से पहुंच जाएगा। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम कौशल राज शर्मा ने दी।
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उन्होंने बताया कि इसके साथ पहली बार मतदाताओं को मतदान से पहले मतदान स्थल संबंधी आवश्यक जानकारी देने को चार प्रकार के रंगीन पोस्टर भी विधानसभा क्षेत्रवार छपवा कर चस्पा कराए जाएंगे। साथ ही मतदान केंद्रों के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप भी प्रशासन की तरफ से नामित स्वयंसेवी छात्र-छात्रा हेल्प डेस्क पर मौजूद रहेंगे। 

हेल्प डेस्क पर मौजूद यह सहायक पोलिंग सेंटर पर पहुंचने वाले मतदाताओं को उनके पोलिंग बूथों की स्थिति के बारे में जानकारी देने के साथ ही अन्य किसी तरह की परेशानी होने पर सहायता करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में बड़े पैमाने पर पात्रता के बाद भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे लोगों का नाम सूची में दर्ज करा वोटर बनाने का कार्यक्रम चल रहा है। 
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इसके तहत 8 अप्रैल तक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को फॉर्म-6 भरकर जमा कराने का मौका सभी जरूरतमंदों के पास रहेगा। प्रशासन ने मतदान दिवस पर परेशानी से बचाने को पहली बार बीएलओ स्तर से मतदाताओं के घरों में पीली पर्ची वितरित कराने का कार्य भी कराया है। इसमें वोटर का नाम, पोलिंग बूथ संख्या आदि का विवरण पहले से जानना आसान हुआ है।
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फोटोयुक्त मेसेजिंग से अपडेट होगा पार्टियों का मूवमेंट 

मतदान ड्यूटी में तैनात पोलिंग पार्टियों के मूवमेंट को फूलप्रूफ बनाने के लिए पहली बार फोटोयुक्त मेसेजिंग से अपडेट किया जाएगा। इसके तहत स्मृति उपवन स्थित रवानगी स्थल से मतदान दिवस से एक दिन पहले चिह्नित मतदान केंद्रों पर रवाना होने वाली चुनाव टोलियों के हर पीठासीन अधिकारी को पोलिंग पार्टी की रवानगी से लेकर ईवीएम जमा कराने तक के हर मूवमेंट की फोटोयुक्त मेसेजिंग से जानकारी देना अनिवार्य होगा। 

इसके लिए चुनाव ड्यूटी में नामित सभी पीठासीन अधिकारियों के मोबाइल नंबरों का रजिस्ट्रेशन विशेष तौर पर डीईओ पोर्टल पर रहेगा। इसके माध्यम से व्हाट्सएप पर पोलिंग ड्यूटी ग्रुप बना कर सभी पीठासीन अधिकारियों को इससे जोड़ा जाएगा। 
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डीईओ पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जरूरी 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पोलिंग पार्टियों के रवाना होने से पहले यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि हर पीठासीन अधिकारी के पास मतदान के दिन वही मोबाइल नंबर अनिवार्य तौर पर उपलब्ध होगा जिसे डीईओ पोर्टल पर रजिस्टर्ड कराया गया होगा। 

सभी पीठासीन अधिकारियों को रवानगी से लेकर मतदान खत्म होने के बाद ईवीएम जमा कराने तक चार फोटोयुक्त संदेश निर्धारित फॉर्मेट के तहत नियंत्रण कक्ष को भेजने होंगे। जिला प्रशासन चुनावी ड्यूटी के दौरान फोटोयुक्त मैसेजिंग व्यवस्था के बारे में सभी पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षित कर उनके मोबाइल नंबर को डीईओ पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर इनका डेटा फीडिंग रिकार्ड तैयार कर चुनाव ड्यूटी ग्रुप से जोड़ेगा। 
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