केजीएमयू में मंगलवार को नौवां लिवर प्रत्यारोपण हुआ। इस बार छोटे भाई की पत्नी ने लिवर देकर अपने जेठ की जान बचाई। मरीज और दानदाता की हालत स्थिर है। लखनऊ निवासी शैलेंद्र (47) क्रॉनिक लिवर डिजीज से ग्रसित थे। परिवार के लोगों ने लखनऊ के साथ ही दिल्ली में भी इलाज कराया।
आराम नहीं मिलने पर केजीएमयू आए। यहां भी चिकित्सकों ने लिवर प्रत्यारोपण की जरूरत बताई। इस दौरान लिवर दानदाता की खोज शुरू हुई। परिवार के कई लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए, लेकिन मिलान नहीं हो सका। इस दौरान शैलेंद्र की हालत लगातार बिगड़ने लगी।