प्रदेश में पिछले वर्ष आवेदन करने वाली ढाई लाख छात्राओं को कन्या विद्याधन नहीं मिलेगा।
अब केवल मार्च 2013 में इंटर पास करने वाली और पात्रता की श्रेणी में आने वाली छात्राओं को ही कन्या विद्याधन योजना का लाभ दिया जाएगा।
प्रदेश में सत्ता में आते ही अखिलेश सरकार ने कन्या विद्याधन योजना का लाभ देने का निर्णय किया था।
इसके लिए इंटर पास उन छात्राओं को पात्र माना गया, जिनके अभिभावकों की सालाना आय 35 हजार रुपये है।
वर्ष 2012 में कन्या विद्याधन में 30 हजार रुपये देने की व्यवस्था थी। इसके लिए मार्च 2012 में इंटर पास छात्राओं से आवेदन मांगे गए।
इसके लिए 890.21 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की गई। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसके लिए जिलेवार आवेदन मांगे थे।
इसमें करीब 6 लाख छात्राओं ने आवेदन किए। जांच के बाद 5.44 लाख छात्राओं को पात्र पाया गया लेकिन बजट के अभाव में मात्र 2,93,775 छात्राओं को ही इस योजना का लाभ दिया गया।
पात्रता श्रेणी में आने वाली शेष छात्राएं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के चक्कर काटती रहीं, लेकिन उन्हें नहीं बताया गया कि योजना का लाभ दिया जाएगा या नहीं।
इस बीच राज्य सरकार ने कन्या विद्याधन योजना में लाभ राशि 30 हजार रुपये से घटाकर 20 हजार करने के साथ ही मार्च 2013 में इंटर पास छात्राओं को पात्र मानते हुए 31 दिसंबर तक आवेदन मांग लिए।
इस बाबत पूछे जाने पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि गत वर्ष के बजट के आधार पर पात्र छात्राओं को कन्या विद्याधन योजना का लाभ दिया जा चुका है। नए सिरे से पात्रों का चयन करने के लिए जिलेवार आवेदन मांगे गए हैं।
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