‘मैं गोमती हूं...। मैंने बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं...। मेरी आंखों के सामने ही अवध की सरजमीं पर गंगा-जमुनी तहजीब पली-बढ़ी...। मेरी नजरों के आगे ही क्रांतिकारियों के खून से सड़कें रंगी गईं...’।
सतरंगी रोशनी के बीच कुछ इसी अंदाज में गोमती की जुबानी गदर की कहानी सुनने को मिलेगी। बात हो रही है 1857 के गदर की गवाह रही ऐतिहासिक धरोहर रेजीडेंसी के ‘लाइट एंड साउंड शो’ की।
जिसे दोबारा शुरू करने की कवायद तेजी से चल रही है। शो में अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह को अंग्रेजों से मिली शिकस्त और उसके बाद शुरू हुए गदर की कहानी ध्वनि व प्रकाश के जरिये सुनाई जाएगी।
पर्यटन विभाग केअधिकारियों ने बताया कि ‘लाइट एंड साउंड शो’ को फिर से शुरू करने के लिए करीब छह करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राजकीय निर्माण निगम काम कराएगा। इस बजट से साउंड सिस्टम, लाइटें, वायरिंग, पाथ-वे व पर्यटकों के बैठने के लिए करीब 500 कुर्सियां खरीदी जाएंगी। कुल बजट में पांच करोड़ रुपये पर्यटन मंत्रालय, नई दिल्ली देगा, जबकि बाकी खर्च उप्र पर्यटन निदेशालय उठाएगा।
45-45 मिनट के होंगे शो, 25 का टिकट
रेजीडेंसी में 45-45 मिनट के शो चलाए जाएंगे। रोजाना दो से तीन घंटे तक शो चलाए जाएंगे। हरशो के लिए 25 रुपये का टिकट रखा जाएगा। प्रवेश का टिकट से अलग होगा।