खबर का असर
स्टेशन अपग्रेडेशन के तहत लगेंगी नई लिफ्टें व एस्केलेटर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर लगी लिफ्टें व एस्केलेटर अब छोटे स्टेशनों पर शिफ्ट की जाएंगी। इससे इन पर खर्च हुए 75 लाख रुपये की बचत की जा सकेगी। साथ ही छोटे स्टेशनों पर यात्रियों को बड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।
सोमवार को अमर उजाला लखनऊ संस्करण में 'चारबाग स्टेशन के एस्केलेटर व लिफ्ट पर चलेगा बुलडोजर' शीर्षक खबर प्रमुखता से छापी गई थी। खबर में इस बात का उल्लेख किया गया था कि उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के चारबाग स्टेशन का अपग्रेडेशन प्लान पहले से तय होने के बावजूद लिफ्टों व एस्केलेटरों को लगाया गया। इस बीच अब स्टेशन पर कॉन्कोर्स निर्माण होना है, जिसके चलते इन्हें हटाना होगा। इससे यात्रियों को दिक्कतें होंगी। साथ ही रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण(आरएलडीए) व उत्तर रेलवे प्रशासन के बीच समन्वय की कमी भी उजागर हुई थी। मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। इस बाबत सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी से बातचीत की। इसके बाद सोमवार को यह निर्णय लिया गया कि लिफ्टों व एस्केलेटरों को मंडल के दूसरे छोटे स्टेशनों पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे उन स्टेशनों पर इन सुविधाओं पर अतिरिक्त धनराशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी।
...सोलर पैनल भी हो चुके हैं शिफ्ट
चारबाग रेलवे स्टेशन पर कुछ साल पहले सोलर पैनल लगाने की योजना बनाई गई। पैनल खरीदकर सरकुलेटिंग एरिया में रख दिए गए। लेकिन आरडीएसओ की ओर से कराए गए सर्वे में प्लेटफॉर्मों के शेड पैनल लगाने के लिहाज से कमजोर पाए गए, जिसके बाद सोलर पैनलों को छोटे स्टेशनों पर शिफ्ट कर दिया गया।
आधिकारिक वर्जन
चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर लगी लिफ्टों व एस्केलेटरों को यहां से हटा दिया जाएगा। कॉन्कोर्स की ऊंचाई के अनुसार नई लिफ्ट-एस्केलेटर लगाए जाएंगे। जबकि पुराने वाले छोटे स्टेशनों पर शिफ्ट कर दिए जाएंगे।
-कुलदीप तिवारी, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे