मध्यांचल विद्युत वितरण निगम स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही मोबाइल एप भी लांच करने की तैयारी कर रहा है। उपभोक्ता इस एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के बाद अकाउंट नंबर से स्मार्ट मीटर में होने वाली रीडिंग को देख बिलिंग सेंटर पर बिल भी बनवा सकेंगे।
स्मार्ट मीटर सिम युक्त होगा। इसके लिए पॉवर कॉर्पोरेशन वोडाफोन की सेवा ले रहा है। लेसा को एक स्मार्ट मीटर लगाने के एवज में हर महीने लगभग 80 रुपये वोडाफोन को सिम का चार्ज चुकाना होगा।
यह अलग बात कि इस चार्ज की उपभोक्ता से वसूली नहीं होगी। लेकिन लेसा के अफसरों को 80 रुपये के चार्ज से अहम सूचनाएं कार्यालय एवं उपकेंद्र पर हासिल होंगी।
मुख्य अभियंता (सिस गोमती) अशोक कुमार के मुुताबिक स्मार्ट मीटर में कंप्यूटराइज्ड सिम लगा होगा, जिसका कनेक्शन ऑनलाइन सर्वर से होगा।
इससे बिजली उपभोग के बाद मीटर में जो रीडिंग आएगी वह सीधे सर्वर में पहुंचेगी, जिससे उसका बिल जनरेट हो सकेगा। यानी एजेंसी कर्मचारी उपभोक्ता का बिल बनाने के लिए उसकी चौखट पर दस्तक देने नहीं जाएंगे।
मुख्य अभियंता (ट्रांस गोमती) प्रदीप कक्कड़ के मुताबिक स्मार्ट मीटर को लगाते वक्त उपभोक्ता के स्वीकृत विद्युत लोड की सेटिंग कर दी जाएगी। इससे उपभोक्ता स्वीकृत विद्युत लोड से ज्यादा बिजली नहीं जला पाएगा। ओवर लोडिंग होते ही बिजली सप्लाई ट्रिप (बंद) हो जाएगी।
लखनऊ में बिजली चोरी रोकने एवं लाइन लास को कम करने के लिए पांच लाख हाईटेक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसकी पहली खेप जल्द आने वाली है। इन मीटरोें को लगाने की शुरुआत अमीनाबाद, इंदिरानगर आदि उपकेंद्र से होगी। - एससी झा, निदेशक (वाणिज्य) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम