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समय पर नहीं भरा बिल तो हो जाइए उमस भरी गर्मी को झेलने के लिए तैयार, लेसा की ये है तैयारी

Mon, 23 Apr 2018 02:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : डेमो
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बिजली जलाते हुए हर माह बिल न भरना, स्वीकृत विद्युत लोड से ज्यादा उपभोग और मीटर में रिमोट लगाकर बिजली चोरी जैसी समस्याओं का लेसा ने तोड़ निकाल लिया है।

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इसके लिए लेसा राजधानी में पांच लाख हाईटेक मीटर लगाएगा। ऑनलाइन सर्वर से लिंक्ड और सिमयुक्त इस र्स्माट मीटर के लगने के बाद बिल न भरने पर उपभोक्ता की बिजली ऑनलाइन ही मीटर में सप्लाई का लिंक आउट करके काट दी जाएगी।

वहीं स्वीकृत लोड से अधिक उपभोग पर मीटर सप्लाई को ट्रिप यानी बंद कर देगा। सबसे पहले यह हाईटेक मीटर अमीनाबाद उपकेंद्र के लगभग 16 हजार उपभोक्ताओं के घर, दुकान, शोरूम, गेस्ट हाउस में लगेेंगे। इसके साथ ही अपट्रान, चौपटिया,  फैजुल्लागंज, जीएसआई, जीपीआरए, सेक्टर 14 इंदिरानगर उपकेंद्र के तहत आने वाले उपभोक्ताओं के घरों में ये मीटर लगाए जाएंगे।
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खास ये कि लेसा ये मीटर मुफ्त में लगाएगा यानी उपभोक्ता को कोई शुल्क चुकाना नहीं होगा। पॉवर कॉर्पोरेशन ने लेसा को पांच लाख हाईटेक स्मार्ट मीटर आवंटित किए हैं। 

मोबाइल पर देख सकेंगे रीडिंग

डेमो
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही मोबाइल एप भी लांच करने की तैयारी कर रहा है। उपभोक्ता इस एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के बाद अकाउंट नंबर से स्मार्ट मीटर में होने वाली रीडिंग को देख बिलिंग सेंटर पर बिल भी बनवा सकेंगे। 

स्मार्ट मीटर सिम युक्त होगा। इसके लिए पॉवर कॉर्पोरेशन वोडाफोन की सेवा ले रहा है। लेसा को एक स्मार्ट मीटर लगाने के एवज में हर महीने लगभग 80 रुपये वोडाफोन को सिम का चार्ज चुकाना होगा।

यह अलग बात कि इस चार्ज की उपभोक्ता से वसूली नहीं होगी। लेकिन लेसा के अफसरों को 80 रुपये के चार्ज से अहम सूचनाएं कार्यालय एवं उपकेंद्र पर हासिल होंगी। 
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ऑनलाइन बनेगा बिजली बिल

डेमो
मुख्य अभियंता (सिस गोमती) अशोक कुमार के मुुताबिक स्मार्ट मीटर में कंप्यूटराइज्ड सिम लगा होगा, जिसका कनेक्शन ऑनलाइन सर्वर से होगा।
 
इससे बिजली उपभोग के बाद मीटर में जो रीडिंग आएगी वह सीधे सर्वर में पहुंचेगी, जिससे उसका बिल जनरेट हो सकेगा। यानी एजेंसी कर्मचारी उपभोक्ता का बिल बनाने के लिए उसकी चौखट पर दस्तक देने नहीं जाएंगे। 

मुख्य अभियंता (ट्रांस गोमती) प्रदीप कक्कड़ के मुताबिक स्मार्ट मीटर को लगाते वक्त उपभोक्ता के स्वीकृत विद्युत लोड की सेटिंग कर दी जाएगी। इससे उपभोक्ता स्वीकृत विद्युत लोड से ज्यादा बिजली नहीं जला पाएगा। ओवर लोडिंग होते ही बिजली सप्लाई ट्रिप (बंद) हो जाएगी।

लखनऊ में बिजली चोरी रोकने एवं लाइन लास को कम करने के लिए पांच लाख हाईटेक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसकी पहली खेप जल्द आने वाली है। इन मीटरोें को लगाने की शुरुआत अमीनाबाद, इंदिरानगर आदि उपकेंद्र से होगी। - एससी झा, निदेशक (वाणिज्य) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम 
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