प्रदेश में कुष्ठ रोगियों को आवास बनाने के लिए 3.05 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। राजभवन में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक ने अखिलेश सरकार के इस फैसले की घोषणा की।
विज्ञापन
उन्होंने पति-पत्नी में से किसी एक को कुष्ठ रोग होने पर तलाक लेने के अधिकार समेत 17 कानून निरस्त करने पर भी जोर दिया।
वहीं, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कुष्ठ रोगियों को 2500 रुपये महीना पेंशन और आवास की सुविधा देकर राज्य सरकार ने अपने हिस्से का काम कर दिया है। अब राज्यपाल केंद्र सरकार से भी उन्हें मदद देने के लिए कहें।
राजभवन में शनिवार को कुष्ठावस्था विकलांगजन भरण पोषण अनुदान योजना का शुभारंभ एवं स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को सबसे ज्यादा पेंशन देने का काम यूपी में हो रहा है।
विज्ञापन
आवास के साथ पेंशन व दूसरी सहूलियतें भी
पिछले साल राज्यपाल के अलावा कुष्ठ रोगियों के लिए काम करने वाले जापान के सासाकावा फाउंडेशन के लोगों ने उनसे इन रोगियों की मदद के लिए बात की थी।
इसके बाद राज्य सरकार ने पेंशन, आवास और दूसरी सहूलियतें देने का फैसला किया। उन्होंने मंच पर बैठे राज्यपाल से मुखातिब होते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तो अपने हिस्से का काम कर दिया, अब देश की सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों से भी ऐसा ही करने के लिए कहें।
महात्मा गांधी की पुण्य तिथि पर उन्हें याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दिनों देश में तमाम तरह की बहस हो रही हैं, लेकिन भाईचारा और तरक्की गांधी के बताए रास्ते पर ही चलने से मिल सकती है।
यह बताना होगा, 'होटलों में चाय न देना भी अपराध'
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि कुष्ठ रोगियों के लिए कुछ करने का दिन है। इस कार्यक्रम से राजभवन धन्य हो गया। हकीकत यह है कि कुष्ठ रोगियों को लेकर समाज में तमाम तरह की भ्रांतियां हैं।
मसलन, यह रोग कभी ठीक नहीं होता और दूसरों को भी तेजी से फैलता है लेकिन यह सही नहीं है। कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि कुष्ठ रोगी भीख मांगकर या अवैध शराब बनाकर जीवन यापन करने को मजबूर हैं। उन्हें इस स्थिति से निकालकर सम्मान की स्थिति में लाने के हमें प्रयास करने होंगे। यह बताना होगा कि होटलों में कुष्ठ रोगियों को चाय न देना भी अपराध है।
उन्होंने कुष्ठ रोगियों के सशक्तीकरण के लिए ट्रेनिंग देने पर भी जोर दिया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।
पिछले सात-आठ वर्षों में बढ़ी महंगाई
राज्यपाल ने कहा कि अक्सर यह बहस होती है कि महंगाई कम हुई या ज्यादा। लेकिन पिछले 7-8 बरसों में देश में महंगाई बढ़ी है। 2008 में संसदीय समिति ने दो हजार रुपये महीना पेंशन देने की सिफारिश की थी, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से महंगाई के हिसाब से राशि तय करने का आग्रह किया।
इसी का नतीजा है कि आज देश में यूपी कुष्ठ रोगियों को सबसे ज्यादा पेंशन देने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने इसे देश के नवनिर्माण की दिशा में हुआ एक काम बताया।
माइक पर दुबारा आए घोषणा करने राज्यपाल राज्यपाल अपना संबोधन खत्म करने के बाद सीएम की बगल वाली सीट पर बैठे तो अखिलेश यादव ने उन्हें याद दिलाया कि कुष्ठ रोगियों को आवास अनुदान दिए जाने के फैसले की उन्होंने मंच से घोषणा नहीं की। इस पर राज्यपाल ने दुबारा माइक पर आकर यह घोषणा की।
कार्यक्रम में 33 कुष्ठ रोग से प्रभावित विकलांगजनों को पेंशन स्वीकृति पत्र दिए गए। विकलांग जन विकास विभाग के सचिव अनिल सागर ने बताया कि कुष्ठावस्था भरण-पोषण अनुदान योजना के तहत तहत 15 करोड़ रुपये बजट की व्यवस्था की गई है।
सूबे में 8 लाख 77 हजार विकलांगजन को पेंशन दी जा रही है। उन्होंने विकलांगजन संस्थान नई दिल्ली के सहयोग से फैजाबाद, रायबरेली और लखनऊ में कुष्ठ रोगियों को कृत्रिम अंग और उपकरण, अयोध्या में प्राथमिक विद्यालय और आवासीय सुविधाओं के बारे मे भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में विकलांग बच्चों और कुष्ठ रोग से प्रभावित विकलांग जनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में पेश किए।