मवेशियों को लेकर निकले दो भाइयों में से छोटे भाई को तेंदुआ जंगल में खींच ले गया। इससे गांव में दहशत फैल गई।
लोगों ने मिलकर खोजबीन शुरू की तो शाम को बच्चे का क्षत-विक्षत हालत में शव मिला।
उसकेगले व कंधे पर तेंदुए के दांत के निशान मिले हैं। तेंदुए ने बच्चे को मारने के दो घंटे पहले एक बकरी को अपना शिकार बनाया था।
घटना के बाद से ही कतर्नियाघाट के आनंद नगर बड़खड़िया गांव के लोग खौफजदा हैं। सूचना पर पहुंचे वनाधिकारी और पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल का मुआयना किया।
कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत आनंद नगर बड़खड़िया निवासी जयराम के पुत्र 12 वर्षीय दीपक कुमार और 15 वर्षीय रामानंद मंगलवार को बकरी और अन्य मवेशियों को लेकर मौरहवा जंगल से सटे खेत के पास चराने गए थे।
इसी दौरान रामानंद सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने के लिए कुछ दूर निकल गया। उसने दीपक से मवेशियों पर नजर रखने को कहा।
इस बीच, कुछ मवेशी जंगल की ओर जाने लगे। दीपक उन्हें हांकने के लिए दौड़ा। मवेशियों को हांककर दीपक जब खेत की ओर लौट रहा था तभी अचानक पीछे से तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया।
दीपक की चीख-पुकार सुनकर रामानंद दौड़ा लेकिन तब तक तेंदुआ दीपक को दबोचकर जंगल की ओर खींच ले गया। रामानंद चिल्लाते हुए गांव की ओर भागा।
खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवारीजन और गांव के लोग हांका लगाते हुए दौड़े। शाम करीब 4:30 बजे दीपक का क्षत-विक्षत शव झाड़ियों से बरामद हुआ।
उसके गले और कंधे पर तेंदुए के दांत गड़ने के निशान थे। इस घटना से दो घंटे पहले ही तेंदुए ने गांव के ही सुरेंद्र कुमार के बकरे को शिकार बनाया था।
सूचना पाकर डिप्टी रेंजर इरफान खान, उपनिरीक्षक संजय कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। डिप्टी रेंजर ने बताया कि मृतक के परिवारीजनों को पांच हजार रुपये की तात्कालिक सहायता दी गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा दिया जाएगा। सुजौली पुलिस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है।