तेंदुए के हमले में 13 वर्षीय किशोर की मौत हो गई है। किशोर अपनी मां के साथ बरामदे में रात के समय चारपाई पर सो रहा था। रात में तेंदुआ उसे जबड़े में दबाकर उठा ले गया। ग्रामीणों ने शोर मचाने पर कुछ दूरी पर किशोर को छोड़कर चला गया। इसके बाद पास के दूसरे गांव में तेंदुए ने 90 वर्षीय महिला पर हमला कर घायल कर दिया है। तेंदुए के ताबड़तोड़ हमले से क्षेत्र में दशहत फैल गई है।
सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के बनकटवा रेंज अंर्तगत बिनोहनीकला निवासी ननकने ने बताया कि उसकी पत्नी शमशुन्निशा और 13 वर्षीय बेटा अफसर सोमवार रात बरामदे में सो रहे थे तभी तेंदुए ने बेटे पर हमला कर दिया। शमशुन्निशा ने शोर मचाया तो तेंदुए अफसर को जबड़े में दबाए जंगल की तरफ भागा और कुछ दूरी पर अफसर को छोड़कर चला गया। ग्रामीण पहुंचे तो देखा कि अफसर की मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवारीजन सदमे में हैं।
घटना की सूचना वन विभाग के अफसरों को दी गई। इसी बीच पड़ोस के गांव रतनवा के मजरा अतरपरी में रात के समय घर के बाहर झोपड़ी में सो रही राज कुमारी(90) पत्नी कुन्ने पर भी तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। राज कुमारी को इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।
तेंदुए की ताबड़तोड़ घटनाओं को लेकर जंगल के समीप बसे गांव में लोग दहशतजदा हो गए हैं। ग्रामीणों की सूचना पर रेंजर बनकटवा आरके सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना स्थल पर पंजे के निशान लिए गए। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए संयुक्त जिला अस्पताल भेजा गया है।
रेंजर ने मृतक की मां शमशुन्निशा को तत्काल 10 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई और बताया कि विभाग की तरफ से दी जाने वाली सहायता राशि शीघ्र ही उपलब्ध कराई जाएगी। रेंजर ने बताया कि अतरपरी गांव में वन रक्षक जमील अहमद का भेजा गया है। वन रक्षक ने बताया कि उन्होंने घायल राजकुमारी को एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है।
विद्युत विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
बिनोहनीकला के ग्रामीण मोहम्मद सलीम, कृपाराम वर्मा, दुर्गा प्रसाद यादव, कुन्नू लाल सोनी, अजय कुमार वर्मा, अजीज अहमद, पप्पू यादव व राम नरेश आदि ने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि छह माह पहले गांव में खंभे व तार लगाकर छोड़ दिया गया है।
कई खंभे टूट चुके है लेकिन अभी तक विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। यदि बिजली की व्यवस्था होती तो गांव में उजाला रहता और जंगली जानवरों का हमला नहीं होता। अंधेरे का लाभ उठाकर जंगली जानवर अक्सर गांव में आ जाते है और लोगों पर हमला करके उन्हें हानि पहुंचा रहे है।
मुहैया कराई जाएगी सभी मदद
प्रभागीय वनाधिकारी सोहेलवा रजनीकांत मित्तल ने बताया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। दोनों गांवों में वन विभाग की टीमें लगा दी गई। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूर्व राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव तथा ब्लॉक प्रमुख हरैया सतघरवा के प्रतिनिधि विजय कुमार यादव आदि ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया है।