तीन दिनों से सनसनी का कारण बने तेंदुए को पकड़ने के लिए शनिवार को डीएफओ की टीम ने सुल्तानपुर रोड पर कॉम्बिंग की।
हालांकि, काफी देर खोजबीन के बावजूद तेंदुए के पग चिन्ह नहीं पाए गए। इस बीच मध्य कमान मुख्यालय के करीब एक सैन्य ऑफिसर मेस के पास तेंदुए के देखे जाने की भी सूचना रही।
सुल्तानपुर रोड स्थित 25 वायरलेस यूनिट में बृहस्पतिवार रात तेंदुआ देखा गया था। इसके बाद सेना ने क्यूआरटी तैनात कर समूची छावनी में अलर्ट जारी कर दिया।
तुरंत हरकत में आया वन विभाग
सेना ने शुक्रवार को वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए मदद मांगी थी। शनिवार सुबह पांच कालीदास मार्ग के आसपास तेंदुए होने की खबर से वन विभाग तुरंत हरकत में आया। डीएफओ के साथ वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम और एक खोजी कुत्ता सुल्तानपुर रोड से सटे मोहनगंज और 25 वायरलेस यूनिट के आसपास की कॉम्बिंग की।
करीब तीन घंटे तक खोजबीन के बावजूद तेंदुए का कोई पग चिन्ह ही नहीं मिला। माना जा रहा है कि तेंदुआ गोमती की ओर बढ़ गया है।
इस बीच शनिवार सुबह सेना की कई यूनिटों में शुक्रवार रात मध्य कमान अस्पताल से सटी सैन्य ऑफिसर मेस के पास तेंदुआ दिखने का संदेश प्रसारित कर दिया गया।
क्यूआरटी भी खाली हाथ
मध्य यूपी सब एरिया मुख्यालय ने मध्य कमान मुख्यालय से लेकर रायबरेली रोड के बड़ी लालकुर्ती तक घेरेबंदी कराई। जंगल में गई सेना की क्यूआरटी भी खाली हाथ रही। सेना ने रात के समय गश्त बढ़ाने के साथ ही अंधेरा ढलने पर बाहर निकलने से बचने की हिदायत भी जारी की है।