ककरहा रेंज अंतर्गत उर्रा गांव के निकट एक भेड़ को निवाला बनाने के बाद तेंदुआ कुनबे से बिछड़ कर उर्रा बगिया गांव पहुंच गया। यहां शिकार की तलाश में वह संकरी गली में फंस गया। इससे गांव के लोग दहशत में आ गए।
वन अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन गली संकरी होने के कारण रेस्क्यू नहीं कर पा रहे थे। वहीं गांव के लोग तेंदुआ की दस्तक से गुस्से में थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रात में ही पुलिस और पीएसी बुलाई गई।
शुक्रवार भोर में वन्यजीव विशेषज्ञों ने 6 घंटे के ऑपरेशन के बाद ट्रैंक्युलाइज कर तेंदुए को काबू किया। सुबह पिंजरे में बंद कर तेंदुए को रेंज कार्यालय ले जाया गया। शाम को उसे जंगल में छोड़ दिया गया।
नर तेंदुआ कुनबे से बिछड़कर बाग और खेत से होता हुआ रात उर्रा बगिया गांव में पहुंच गया। वह गांव विसी लक्ष्मी गौतम और नेबूलाल के मकान के बीच संकरी गली में फंस गया। दहाड़ सुनकर लोग गली की ओर दौड़े। तो माजरा समझ में आया