बेटी की चीख सुनकर मां निरमा देवी दौड़ी तो सामने तेंदुए को देख सहम गईं। लेकिन पल भर में ही बेटी की जिंदगी बचाने के लिए वह शोर मचाते हुए तेंदुए से भिड़ गई। उसने 10 मिनट तक तेंदुए से संघर्ष किया। इस दौरान परिवारीजन व गांव के लोग भी दौड़ पड़े।
शोर मचाने पर तेंदुआ अनन्या को छोड़कर जंगल की ओर चला गया, लेकिन हमले में बच्ची लहूलुहान होकर बेहोश हो गई। तत्काल रेंज कार्यालय को सूचना देकर मासूम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर पहुंचाया गया।
वहां पर प्राथमिक उपचार के दौरान हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने बच्ची जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद इरफान ने टीम के साथ गांव पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। ग्रामीणों को सजग रहने को कहा गया।
तेंदुए के हमले में घायल अनन्या और उसकी मां को दो दिन बाद घर टिकोरामोड़ लौटना था। लेकिन हमले के चलते अनन्या अस्पताल पहुंच गई। हमले की सूचना पाकर टिकोरामोड़ से भी परिवारीजन अस्पताल पहुंचे हैं।
बदल रहा मौसम, सजग रहें ग्रामीण
तेज गर्मी के चलते मौसम बदल रहा है। ऐसे में वन्यजीव भी आबादी की ओर रुख कर लेते हैं। इसके चलते ग्रामीणों को सजग रहने की जरूरत है। खेत-खलिहान व सूने स्थान पर समूह में ही जाएं। वन्यजीवों के दिखने पर गोला-पटाखा दागें। संघर्ष करने की कोशिश न करें। - जीपी सिंह डीएफओ