मटेही गांव निवासी एक बालिका को मंगलवार देर शाम घर से निकलते ही तेंदुआ दबोच ले गया। ग्रामीणों के आधे घंटे तक कांबिंग करने पर बालिका का क्षत-विक्षत शव खेत में मिला।
वनकर्मियों ने तेंदुए के हमले की पुष्टि की है। किसी भी अधिकारी के घटनास्थल पर न पहुंचने और तेंदुए के लगातार हमले से ग्रामीणों में रोष है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत मटेही गांव जंगल से सटा है। मंगलवार देर शाम गांव के लोग अपना कामकाज निपटाने में व्यस्त थे तभी सात बजे के आसपास गांव निवासी राजेश कुमार की 11 वर्षीय बेटी अस्मिता पड़ोस में जाने के लिए घर से निकली।
इतने में घर के सामने लगी झाड़ियों के बीच से अचानक एक तेंदुआ निकल आया और अस्मिता को दबोच लिया। तेंदुआ बालिका को घसीटते हुए खेत में घुस गया।
वहीं रविवार की रात को गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के जमुवरिया में रामअचल चौरसिया की बेटी पूजा को भी तेंदुए ने दबोच लिया था। पूजा रात घर के बाहर लगे हैंडपंप पर पानी पीने गई। इस बीच घात लगाकर बैठा तेंदुआ उसे दबोच कर भाग निकला।
पूजा की चीख सुनकर घर वाले और ग्रामीण दौड़े। काफी देर बाद उसका शव खेत में मिला। पिछले काफी समय से लगातार तेंदुओं के हमले से करीब 75 गांव के लोग दहशत की जिंदगी जी रहे हैं।