सपा सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी की गूंज विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को विधान परिषद में भी सुनाई दी। सदन शुरू होते ही चढ़ावा चोरी को लेकर सपा और भाजपा सदस्यों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरकार का पक्ष रखना शुरू किया तो सपा सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। इससे सभापति मानवेंद्र सिंह को पहले 15 मिनट बाद में 20 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी शोर-शराबे के बीच डिप्टी सीएम ने सरकार का पक्ष रखा।
सदन शुरू होने से पहले विपक्ष ने विधानभवन परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष बैनर लेकर प्रदर्शन किया। सपा और कांग्रेस के सदस्यों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, दिल्ली में युवाओं पर लाठीचार्ज, बढ़ती महंगाई, नीट परीक्षा में गड़बड़ी, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और बेसिक स्कूलों को बंद करने के मुद्दे पर नारेबाजी की। इसके बाद विधान परिषद में प्रश्नकाल के बाद सपा ने कार्यस्थगन प्रस्ताव देकर चढ़ावा चोरी पर चर्चा की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक शुरू हो गई।
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सपा-कांग्रेस ने तोड़े मंदिर : केशव
नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद में सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष से बाबरी मस्जिद के नाम पर जुटाए गए चंदे का हिसाब पूछा। सपा और कांग्रेस पर मंदिरों को तोड़ने का आरोप लगाया। 1992 में विवादित ढांचा गिराए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें उस पर गर्व है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, आने वाले समय में उस पर हनुमान जी की गदा चलेगी।
विधायक को श्रद्धांजलि के बाद विधान सभा स्थगित
विधानसभा में सदन शुरू होने पर पहली बार वंदे मातरम का पूर्ण गायन हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ के निजामाबाद से सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ा और श्रद्धांजलि अर्पित की। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत पक्ष-विपक्ष के सभी दलीय नेताओं ने भी आलम बदी को श्रद्धांजलि अर्पित की। बीते दिनों दिवंगत 21 पूर्व विधायकों को सदन में एक मिनट का मौन रखकर याद किया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।