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भाजपा को झटका, सपा व बसपा की जीत

Sat, 24 Jan 2015 12:12 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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विधानसभा कोटे से विधान परिषद की 12 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है। सपा और बसपा के सभी 11 उम्मीदवार जीत गए।
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वहीं, भाजपा के दूसरे उम्मीदवार दयाशंकर सिंह को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें प्रथम वरीयता के सिर्फ 17 वोट मिले। झटके से सपा और बसपा भी नहीं बची। इनके सभी प्रत्याशी जीत जरूर गए लेकिन दो प्रत्याशी को जीत के लिए प्रथम वरीयता के अलावा अन्य वरीयता वोटों का सहारा लेना पड़ा।

वह भी तब जब कांग्रेस व रालोद क्रमश: सपा और बसपा के साथ खड़े थे। कांग्रेस ने सपा की जरूरत से बचे वोट बसपा को दे दिया। इसके अलावा कुछ निर्दलीयों व छोटे दलों के विधायकों के वोट भी इन दलों को मिले।
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चुनाव में विधानसभा के 404 विधायकों में से 399 ने वोट डाले। सपा के वकार अहमद शाह और प्रेम प्रकाश सिंह स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण वोट डालने नहीं आए।
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सपा उम्मीदवारों को प्रथम वरीयता के 247 वोट मिले

इसके अलावा चरखारी विधायक कप्तान सिंह राजपूत की सदस्यता निरस्त है इसलिए उनका वोट नहीं पड़ा। पीस पार्टी के विधायक अखिलेश सिंह वोट डालने नहीं पहुंचे। मनोनीत सदस्य पीटर फैन्थम का वोट भी नहीं पड़ा। बताया जा रहा है कि वे विदेश में हैं।

399 वोट में सपा के आठ उम्मीदवारों के खाते में प्रथम वरीयता के कुल 247, बसपा के तीन उम्मीदवारों के खाते में 101 और भाजपा के दो उम्मीदवारों के खाते में 51 वोट आए।

जीत प्राप्त करने वाले उम्मीदवार
समाजवादी पार्टी: अहमद हसन, रमेश यादव, डॉ. सरोजनी अग्रवाल, रामजतन राजभर, साहब सिंह सैनी, अशोक वाजपेयी, वीरेंद्र सिंह गुर्जर प्रथम वरीयता के वोटों से ही जीत गए। आठवें उम्मीदवार आशू मलिक को प्रथम वरीयता के 23 वोट ही मिले। नतीजतन उन्हें जीत के लिए अन्य वरीयता के वोटों का इंतजार करना पड़ा।
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बसपा व भाजपा के इन प्रत्याशियों को मिली जीत

बसपा: नसीमुद्दीन सिद्दीकी और धर्मवीर अशोक प्रथम वरीयता के मतों से जीत गए। पर, प्रदीप जाटव को प्रथम वरीयता के 30 वोट ही मिल पाए। तब उन्हें जीत के लिए अन्य वरीयता के वोटों का इंतजार करना पड़ा।

भाजपा: लक्ष्मण आचार्य प्रथम वरीयता के 34 वोट पाकर जीत गए। दयाशंकर को सिर्फ 17 वोट ही मिल पाए। अन्य वरीयता के वोटों में भी वह पिछड़ गए। उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

वहीं, ये भाजपा के लिए अच्छी खबर है कि उन्नाव, कानपुर नगर और कानपुर देहात स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अरुण पाठक ने निर्दलीय प्रत्याशी मानवेंद्र स्वरूप को हरा दिया है।

यह ध्यान देने योग्य है कि लगातार 34 साल एमएलसी रहे जगेंद्र स्वरूप के निधन के बाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का उपचुनाव हुआ था।


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