चुनावी बिगुल बजते ही रामनगरी अयोध्या में नेताओं की हाजिरी बढ़ जाती है। देश-प्रदेश ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे नेता मंदिर की चौखट पर मत्था टेकने जरूर आते हैं।
देश के प्रधानमंत्री रहे स्व. इंदिरा गांधी, स्व. राजीव गांधी के साथ अटल बिहारी वाजपेयी तक ने चुनाव के दौरान प्रसिद्ध मंदिरों की चौखट को चूमा है। अब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले के प्रत्याशियों के साथ अवध व पूर्वांचल के नेताओं का रोजाना आना-जाना लगा हुआ है।
इसके अलावा जिले के कई अन्य मंदिरों में भी दर्शन-पूजन को लोग का आधार मानकर जुट रहे हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव अब शबाब पर आ चुका है। जिले में पांचवें चरण में मतदान होना है।
लगभग सभी दलों ने पांचों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिया है, हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने बीकापुर व गोसाईगंज विधानसभा सीटों पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
सभी दलों से घोषित प्रत्याशियों के साथ अघोषित सीटों पर दावेदार की दौड़ में शामिल नेता रामनगरी की परिक्रमा लगातार कर रहे हैं। बजरंग बली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी व कनक भवन मंदिर नेताओं की पहली पसंद है। चुनावी वैतरणी पार करने के लिए नेता जनता जनार्दन से पहले भगवान की चरण वंदना करना नहीं भूल रहे हैं।