फर्जी गुडवर्क से राजधानी पुलिस का दामन दागदार कर चुकी क्राइम ब्रांच एक बार फिर कठघरे में है। इस बार क्राइम ब्रांच ने खुदकुशी को हत्या साबित करने के लिए स्क्रिप्ट तैयार की। तय स्क्रिप्ट को एक बेगुनाह को पीट-पीटकर रटाया और उसे हत्या के आरोपी बताते हुए जेल भेज दिया।
जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीधे-सीधे घटना को खुदकुशी बता रही थी। मामले की तह तक जाने के लिए जेल में बंद शख्स से ‘अमर उजाला’ ने बात की तो रोंगटे खड़ी करने वाली कहानी सामने आई।
मामला है माल थाना क्षेत्र के जरौली स्थित सैनिक पुनर्वास निधि फार्म अटारी में 11 जनवरी की दोपहर गमछे के जरिये पेड़ से महिला का शव लटकता मिला। कमर तक का हिस्सा जमीन से छू रहा था। एक पैर में सफेद पीटी शू व दूसरे में सिर्फ मोजा था।
दूसरा जूता कुछ दूर पड़ा था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के मुताबिक महिला की गला घोंटकर हत्या के बाद शव लटकाए जाने की आशंका जताई जा रही थी। दो दिन बाद उसकी शिनाख्त हरदोई के अतरौली थाना क्षेत्र के बभनौवा गांव निवासी रामकली के रूप में हुई। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए चचेरे देवर शिवनंदन से अवैध संबंध के चलते हत्या की कहानी गढ़ी और उसे जेल भेज दिया।