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यूपी चुनाव में ‘बिहारी’ के जरिए पूर्वांचल में रण जीतने की कोशिश

Wed, 08 Mar 2017 11:49 AM IST
सुधीर कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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विधानसभा का चुनाव भले ही यूपी में हो रहा हो, लेकिन पूर्वांचल के कई जिलों में चुनावी रण को जीतने के लिए ‘बिहारी फैक्टर’ को भी साधने की कोशिश हो रही है।
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सियासी दलों ने वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया व मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में बिहार से आकर बसे लोगों को अपने पाले में खींचने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत सभी दलों ने बिहार के प्रमुख नेताओं की फौज इन इलाकों में उतार दी है।

दरअसल, बिहार से आकर बनारस समेत यूपी के अन्य सीमावर्ती जिलों में बसने का सिलसिला लालू प्रसाद यादव के सरकार के समय से ही अधिक बढ़ा। उस समय बिहार में कानून-व्यवस्था के साथ शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति ने वहां के लोगों को यूपी के शहरों का रुख करने को मजबूर किया।
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नतीजतन वाराणसी समेत गंगा किनारे स्थित शहरों में बिहार से आकर बसने वालों की तादाद अच्छी-खासी हो गई है। वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर व बलिया में कई विधानसभा सीटों पर बिहारी मतदाताओं की मौजूदगी निर्णायक मानी जाती है। वाराणसी शहर की तीनों सीटों पर वे चुनाव परिणामों का रुख बदलते रहे हैं।
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इन नेताओं ने संभाला है मोर्चा

लालू यादव - फोटो : SELF
सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार के शिक्षा मंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी, पशुधन मंत्री अवधेश सिंह, पूर्व मंत्री जगतानंद सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है।

वहीं भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री राधेमोहन सिंह, रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह, एमएलसी संजय मयूख समेत तमाम नेता चुनाव प्रचार में जुटे हैं।

संघ परिवार के सदस्य भी डेरा डाले हुए हैं। बड़े नेता जहां रैलियां और सभाएं कर रहे हैं, वहीं जिला व मंडलीय स्तर के नेताओं को बिहारी मूल के लोगों के बीच व्यक्तिगत तौर पर संपर्क करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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बनारस में सबसे अधिक बिहारी मतदाता

- फोटो : demo
बिहार से आकर बसने वालों की मौजूदगी पूर्वांचल के कई शहरों में है, लेकिन इनकी सबसे अधिक संख्या बनारस में है। यूपी की सीमा से सटे भभुआ, बक्सर, रोहतास, आरा व भोजपुर जिले के काफी लोग बनारस में बस गए हैं।

ऐसा माना जाता है कि बनारस के शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में 60 प्रतिशत, कैंट में 45 से 50 प्रतिशत और शहर उत्तरी क्षेत्र में 35 से 40 प्रतिशत मतदाता बिहार से ताल्लुक रखते हैं।

भोजपुरी गायकों का क्रेज
बिहारी आबादी के बीच सबसे अधिक ‘क्रेज’ बिहार के भोजपुरी गायकों का है। इसलिए राजनीतिक दलों ने भरत शर्मा, गोपाल राय, गुड्डू रंगीला, पवन सिंह, सपना समेत कई स्थानीय गायकों के स्वर में गाने तैयार कराए हैं। इन्हें बिहारी बहुल मोहल्लों में बजाया जा रहा है।
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