क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने नवजोत सिंह सिद्घु ने लखनऊ में रोड शो तो किया पर बड़े नेता उनसे दूर ही रहे। ऐसे में सिद्घु ने भी रोड शो पूरा नहीं किया और चले गये।
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बादलों की लुकाछिपी के बीच मौसम मेहरबान जरूर रहा, लेकिन भाजपाई शायद अधूरे मन से भाजपा के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू के साथ रोड शो में उतरे थे।
खुली जिप्सी में दर्जन भर नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ खुली जिप्सी में सवार सिद्धू के पीछे एसयूवी कारों का काफिला था, लेकिन बड़े नेता दिखे न केसरिया रेला।
आगाज की तरह ही अंजाम भी ऐसा हुआ कि अचानक बदले कार्यक्रम के चलते सिद्धू बालागंज से करीब 4 किमी पहले ही चौक के लाजपत नगर से वापस लौट गये। बालागंज में सिद्धू की जनसभा होनी थी।
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नहीं आया कोई बड़ा नेता
राजनाथ सिंह के समर्थन के लिये निकाले गये रोड शो में नाका गुरुद्वारे में गुरु को मत्था टेककर सवा बजे के बाद निकले नवजोत काफिले की एक ओपेन जिप्सी यूपी 32 बीजी-1002 में दर्जन भर लोगों के साथ सवार हुये। लेकिन उनके साथ कोई बड़ा नाम नहीं था।
साथ खड़े लोगों में सांसद लालजी टंडन केबेटे आशुतोष टंडन, पूर्व उपमहापौर अभय सेठ, पूर्व विधायक विद्यासागर गुप्ता समेत अन्य नेता शामिल रहे।
हाथ हिलाते, मुस्कान देते सिद्धू के साथ कारवां करीब पौने घंटे बाद लाटूश रोड, कैसरबाग चौराहे से होता हुआ दो बजे नजीराबाद में दाखिल हुआ।
खेल की दुकानों से निकल कर कारोबारी आर दुकानदार सिद्धू को देखने, उनकी एक झलक कैमरे में कैद करने को उतावले दिखे तो पाजी.. कहते हुये युवा उनसे हैंडशेक करने को अमले में घुसने को बेकरार।
खुले में सिद्धू तो एसी कार में अन्य कार्यकर्ता
संगठन में बिखराव की एक झलक रोड शो में भी दिखी। खुली जिप्सी में एक तो सिद्धू के साथ कोई बड़ा नाम नहीं था तो उनके पीछे चल रही लग्जरी एसयूवी कार की कतारों में राजधानी के कुछ नेता और कार्यकर्ता एसी का लुत्फ ले रहे थे।
मीडियावालों ने जब कैमरे घुमाये, पूछताछ की तो झंडेवाला पार्क से अमीनाबाद डाकघर तक दो चार कारों को छोड़कर सारी कारें खाली हुई।
सिद्धू का कारवां अमीनाबाद जनाना पार्क मोड़ से जब टैंपो स्टैंड से होता हुआ रकाबगंज पुल के लिए चला तो पूरा बाजार कुछ देर के लिये थम सा गया।
मौलवीगंज की गलियों की छतों से झांकते लोग उन्हें देखने के लिये आसमान से थोड़ी देर के लिए हुई बूंदाबांदी में भी खड़े रहे। सिद्धू के कारवां के पीछे जाम के रेले में लोग बिलबिलाते रहे।
सिद्धू पाजी तुम जरूर जीतोगे..
मौलवीगंज में एक गद्दे की दुकान में शापिंग करने जा रहे बाराबंकी से आये कारोबारी रइसे आलम बगल से खुली जिप्सी में सवार नवजोत सिंह सिद्धू को देखते ही लपककर उनसे मिले।
हैंडशेक किया और बोल पड़े पाजी आप ही इस बार जीतोगे तो वे हंसकर रह गये। सिद्धू ने उन्हें बताया कि मैं नहीं राजनाथ जी लड़ रहे हैं तब उनकी भी हंसी निकल गई।
सुभाष मार्ग, राजा बाजार, रकाबगंज पुल, चौक चौराहा, केजीएमयू चौराहा और खुनखुन जी कोठी पर उनकेस्वागत के लिये खड़े कार्यकर्ताओं ने फूल मालाआें को पहनाने के लिय बानट तक पर चढ़ाई कर दी।
पूरे रास्ते भर यहां-वहां से फेंके जा रही मालाओं से सिद्धू बच रहे थे, लेकिन चौक कोतवाली केसामने विष्णु त्रिपाठी लंकेश और पूर्व विधायक सुरेश श्रीवास्तव केसाथ आये समर्थकों ने ऐसी माला उछाली कि वो सीधा पाजी के गले में जा गिरी। उनकी हंसी निकल गई।
3 बजे के बाद कोनेश्वर मंदिर तक पहुंचते-पहुंचते उनकी ओपेन जिप्सी की खाली जगह मालाओं और फूलों से खचाखच भर गई थी। एक कार्यकर्ता ने बताया कि रास्ते भी कुंतलों गेंदे, गुलाब के फूल चाहने वालों ने पा जी पर उड़ाये।
रास्ते भर सिद्धू साहब, ओ बादशाहो और गुरू नाम से बुलाये जाते रहे भाजपा केस्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू शुरु होने से पहले ही आधे रास्ते से लौट गये।
कोनेश्वर मंदिर में फूलों वाली तोप से बरसत फूलों में सराबोर होने के बाद लाजपतनगर गुरुद्वारे तक पहुंचने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू वापस लाट गये। साथ चल रहे लोगों ने बताया कि उन्हें शाम की अपनी फ्लाईट पकड़नी थी। सवा दो घंटे से अधिक समय तकचले रोड शो में कारवां ने करीब 10 किमी. तक का सफर तय किया।