मुलायम सिंह यादव की रामपुर रैली में समाजवादी पार्टी के एक नेता ने चुनाव आयोग के बैन को धता बताते हुए आजम का लिखा हुआ भाषण पढ़ दिया।
एक तरफ सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेश दीक्षित ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग में आजम खां की रैलियों और जनसभाओं पर लगी पाबंदी को हटाने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की, तो दूसरी ओर रामपुर की रैली में फिर आजम पहुंच गए।
यहां वह खुद नहीं पहुंचे, पर उनका भाषण एक खत में लिपटकर वहां पहुंचा। सपा के नेता मोहम्मद सलीम ने आजम के भाषण्ा को पढ़कर लोगों को बताया कि ये आजम का खत है।
मुलायम भी बरसे, बोले आजम से तुलना अपमान
रामपुर की इस रैली में पहुंचते ही मुलायम भी पूरे सियासी रंग में दिखाई दिए। मुस्लिम वोटों की जुगत में उन्हें भी ध्यान नहीं रहा कि वे क्या बोल रहे हैं।
मुलायम ने भी खुलेआम आजम का साथ दिया। उन्होंने कहा कि आजम की रैलियों और जनसभाओं पर लगाया गया प्रतिबंध गलत है। उन्होंने भी कहा कि चुनाव आयोग का भी रवैया पक्षपातपूर्ण है।
मुलायम ने यह भी कहा कि आजम खां की तुलना अमित शाह से करना हमारा अपमान है।
गौरतलब है कि आजम खां और भाजपा के अमित शाह पर चुनाव आयोग ने एक साथ प्रतिबंध लगाया है और दोनों ही नेताओं पर क्रमशः तीन और दो एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी हैं।
आजम ने चुनाव आयोग पर भी बोला हमला
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां का भाषण पढ़े जाने से पहले वह खुद चुनाव आयोग पर हमला बोल चुके हैं।
आजम ने रविवार को सनसनीखेज बयान देते हुए आयोग पर कांग्रेस के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था।
आजम ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग कांग्रेस के साथ मिला हुआ है और कांग्रेस के आदेश पर ही वह काम कर रहा है।
रामपुर में दिए अपने बयान में आजम ने कहा कि चुनाव आयेग को अपनी ईमानदारी और निष्पक्षता साबित करनी ही होगी।
चुनाव आयोग को दी थी चुनौती
आजम ने अपने बयान में यह भी कहा है कि अगर चुनाव आयोग मेरे और अमित शाह के बयान में कोई फर्क नहीं बता पाता है, तो यह उचित नहीं माना जाएगा।
बताते चलें कि आजम खां पिछले कुछ दिनों से अपनी बदजुबानी की वजह से आयोग की नजर में चढ़ गए थे। उन्होंने नरेंद्र मोदी और गांधी परिवार पर आपत्तिजनक बात कही थी।
इसके बाद आयोग ने उन पर यूपी में पार्टी के लिए प्रचार करने का प्रतिबंध लगा दिया था।
दिया था ये विवादास्पद बयान
प्रचार पर प्रतिबंध लगने के बाद शनिवार को उन पर तीन मुकदमे भी दर्ज करा लिए गए। ये मुकदमे रामपुर, गाजियाबाद और शामली में शनिवार को मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
गौरतलब है कि आजम ने पिछले दिनों शामली में भाजपा पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि मोदी के हाथ मासूम लोगों की मौत से रंगे हुए हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने मोदी को हत्यारा भी कहा था।
सात अप्रैल को उन्होंने कारगिल युद्ध पर कहा था कि मुस्लिम सेना की वजह से ही हम यह युद्ध जीत पाए थे, न कि हिंदुओं की वजह से।