फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: दिल्ली में बिल्डिंग गिरने के बाद जागा एलडीए, चिन्हित की जाएंगी जर्जर इमारतें; जारी किया गया आदेश

Thu, 10 Sep 2026 12:57 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

दिल्ली में बिल्डिंग गिरने के बाद एलडीए जागा है। राजधानी में 25 साल से ज्यादा पुरानी इमारतें चिन्हित की जाएंगी। इसके लिए आदेश जारी किया गया है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
लखनऊ में जर्जर इमारतें। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी हॉस्टल की पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे के बाद राजधानी लखनऊ में एलडीए की नींद टूटी है। अब प्राधिकरण भी अपनी कॉलोनियों में खतरनाक इमारतों का सर्वे कराएगा। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। सर्वे के बाद चिह्नित इमारतों का सेफ्टी ऑडिट होगा। इसके बाद इन्हें दुरुस्त या ध्वस्त करने की कार्रवाई होगी। अभी तक यह काम नगर निगम ही करता था।

विज्ञापन


वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि जांच के दायरे में 25 साल से ज्यादा पुरानी इमारतों को रखा जा रहा है। सभी सात जोनल अफसरों को ऐसी 20-20 इमारतें चिह्नित करने के लिए कहा गया है। सर्वे के बाद इनका सेफ्टी ऑडिट होगा। इमारतें कमजोर मिलीं तो भवनस्वामियों को या तो मरम्मत करानी होगी या इन्हें बहाना होगा। खुद ऐसा नहीं किया तो एलडीए कदम उठाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन


अलीगंज में सुप्रीम कोर्ट ने 51 अवैध इमारतें चिह्नित की हैं। एलडीए के रिकॉर्ड के अनुसार पांच का भू उपयोग आवासीय और एक व्यावसायिक है। सर्वे में सामने आया कि 45 आवासीय भूखंड पर कॉम्प्लेक्स, होटल, अस्पताल और रेस्टोरेंट खुले हैं। इनके स्वामी इमारतें वैध कराने के लिए आगे आए हैं।

टीम कर चुकी है सर्वे

सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार केस के साथ अलीगंज के खतरनाक अवैध निर्माणों की भी सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की टीम भी पांच सितंबर को शहर में सर्वे के लिए आई थी। इसी जनहित याचिका की सुनवाई बृहस्पतिवार को फिर होगी। गी। जानकारों ने बताया कि पहले यह सुनवाई 15 सितंबर को थी। दिल्ली हादसे के बाद अब यह पहले हो रही है।

अग्निकांड के आरोपी को जमानत

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 22 जून को हुए अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के मामले में आरोपी किरायेदार सुरेंद्र साहू को जमानत मंजूर कर दी है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया इमारत के मालिक ने अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए थे। न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने कहा कि आरोपी इमारत का मालिक नहीं बल्कि तीसरी मंजिल पर रहने वाला किरायेदार था। आग लगने के समय परिसर में मौजूद नहीं था। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें