राजधानी में 18 किमी. लंबे ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण शुरू करने के लिए डेडलाइन डीएम व एलडीए वीसी ने तय की है। जहां सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी अपने कामों पर आने वाले खर्च का आकलन कर शुरूआती ब्यौरा देंगे।
वहीं, प्रोजेक्ट के डिजाइन और तकनीकी सलाह के लिए आर्किटेक्ट सलाहकार के चयन के लिए प्रेजेंटेशन भी 23 अप्रैल को तय किया गया है।
नियमित निगरानी के लिए प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) को भी अगले दो सप्ताह में बना लिया जाएगा। इसमें विशेषज्ञों को छह महीने के लिए सेवाओं में शामिल किया जाएगा।
वीसी अभिषेक प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम के अलावा प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हुए।
वीसी का कहना है कि प्रोजेक्ट के लिए जरूरी जमीनों को चिह्नित करने के लिए एक संयुक्त सर्वे विभाग कर लें। यह सर्वे पांच से शुरू होकर सात अप्रैल तक चलेगा।
इसके आधार पर एक प्रस्तावित सड़क का एलाइंगमेंट बना लिया जाए। जमीनों का विवरण सिंचाई विभाग आठ तक दे देगा।
इसके बाद सिंचाई विभाग बाढ़ नियंत्रण के लिए बने बैरल के विस्तार या नए निर्माणों का प्रस्ताव भी बना ले। इन पर खर्च का आकलन भी कर बजट प्रस्ताव बना लिया जाए।
इसी तरह पीडब्ल्यूडी भी सड़क बनाने के लिए बजट का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करेगा। बजट की व्यवस्था भी संबंधित विभागों को विभागीय मदों से करनी है। इसके लिए 20 अप्रैल तक का समय तय है।
वीसी ने एलडीए को भूमि अधिग्रहण के लिए नोडल एजेंसी बनाया है। जहां सरकारी जमीन उपलब्ध है। उसका पुनर्र्गहण करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
निजी जमीन का नियमों के मुताबिक अधिग्रहण होगा। वहीं, सेना की जमीन उपलब्ध होने पर संयुक्त सर्वेक्षण के बाद अलग से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
तहसीलदार अर्जन और तहसीलदार सदर जमीनों के अधिग्रहण की दिक्कतों को दूर कराएंगे। खुद एलडीए भू-अध्याप्ति बैठक में मौजूद रहे।
वीसी ने सभी विभागों को अपने यहां से अधीक्षण अभियंता स्तर के नोडल अधिकारी, वहीं अधिशासी अभियंता या सहायक अभियंता स्तर के सह नोडल अधिकारी भी नामित करने के लिए कहा है।
मुख्य अभियंता एलडीए को इसकी सूचना सभी विभाग उनके मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी के साथ भेजेंगे।
टेंडर प्रक्रिया भी हुई तेज
सचिव पवन गंगवार ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर के सलाहकार के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। दो दिन में जहां प्री-बिड बैठक आर्किटेक्ट फर्मों के साथ होनी है। वहीं 15 अप्रैल को तकनीकी बिड खुल जाएगी। 23 अप्रैल को प्रेजेंटेशन के बाद वित्तीय बिड खोली जाएगी। सलाहकार का चयन मई के पहले सप्ताह तक हो जाएगा। पीआईयू में एक आर्किटेक्ट, एक सिविल इंजीनियर और एक लैंड मैनेजमेंट का विशेषज्ञ रहेगा।