नाका के होटलों में अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश पर भी संचालन होने देने के जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर मुख्यमंत्री नाराज हैं। इसके बावजूद एलडीए अधिकारी और इंजीनियर नहीं सुधर रहे। नया गोलमाल होटल एसएसजे इंटरनेशनल का शमन करके किया गया है। इसके अवैध निर्माण को इंजीनियरों ने वैध बना दिया। अब प्रकरण खुला तो आनन-फानन 14 जनवरी को इसे तोड़ने की तारीख तय कर दी गई है। हालांकि, जितने भाग का शमन हो गया है, उसे छोड़ना होगा। वहीं, होटल विराट का अवैध निर्माण एलडीए को मंगलवार से तोड़ना है। हालांकि, होटल मालिक ने इससे पहले खुद इसे तुड़वाना शुरू कर दिया।
एलडीए के रिकॉर्ड मुताबिक शमन नीति 2020 में होटल एसएसजे इंटरनेशनल के लिए सरला रानी जायसवाल ने आवेदन किया था। इस पर अवैध निर्माण को आवासीय उपयोग के लिए शमन कर दिया गया। ऐसा उस वक्त किया गया जब 2019 में निर्माण तोड़ने के तुरंत बाद ही यहां दोबारा होटल शुरू करा दिया गया था, एलडीए को इसे भी रुकवाना पड़ा था। वहीं, शमन प्रक्रिया इतने गुपचुप तरीके से निपटाई गई कि सीएम की सख्ती पर कार्रवाई शुरू होने पर तारीख लगाने के समय इसका पता चला। अब वरिष्ठ अधिकारियों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। अधिशासी अभियंता प्रवर्तन जोन-6 कमलजीत सिंह का कहना है कि एसएसजे इंटरनेशनल के भवन का शमन हो चुका है। ऐसे में इसे तोड़ने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। फिर भी 14 जनवरी की तारीख तोड़ने को लगाई गई है। संभव है कि एलडीए अशमनीय भाग को ही तोड़े। यह होटल तोड़ने का आदेश तत्कालीन विहित प्राधिकारी वीरेंद्र पांडेय ने 19 नवंबर 2013 को दिया था।
होटल विराट पर कार्रवाई करेगा एलडीए
एलडीए के मंगलवार की तारीख तय करने के बाद होटल विराट के मालिक ने ठीक 24 घंटे पहले खुद ही अवैध निर्माण तोड़ने की खानापूर्ति शुरू कर दी। इस संबंध में उसकी ओर से वीसी कार्यालय में शपथ पत्र भी दिया गया है। इसमें कहा गया कि वह खुद अवैध निर्माण तोड़ लेगा। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि कोई राहत नहीं दी जाएगी। एलडीए अपनी कार्रवाई करेगा।