एलडीए की अवैध निर्माण विरोधी सूची में कार्रवाई के लिए कम से कम 200 अवैध निर्माण शामिल किए गए हैं। ये ऐसे निर्माण हैं, जिनके अवैध हिस्से पूरी तरह से अशमनीय हैं।
इन्हें धारा 27 और 27-1 के तहत इन हिस्सों को ध्वस्त किया जाएगा। इस सूची पर एलडीए अलग से कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। हाईकोर्ट को जो 1500 से अधिक अवैध निर्माणों की सूची दी गई है, उनमें ये सारे अवैध निर्माण भी शामिल हैं।
प्राधिकरण इससे पहले भी 750 अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण का आदेश कर चुका है। मगर पिछले चार साल में चार अवैध निर्माण भी ध्वस्त नहीं किए हैं।
नगर नियोजन अधिनियम के तहत एलडीए धारा 28 का इस्तेमाल पहले करता है। इसके तहत इमारत को सील किया जाता है।
इसके बाद में धारा 27 और 27-1 का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके तहत इमारत का जो भी हिस्सा ऐसा होता है, जिसकी कंपाउंडिंग नहीं की जा सकती है, उसे ध्वस्त कर दिया जाता है। प्राधिकरण ने हाईकोर्ट में जो 1500 इमारतों की सूची दी उसमें से 200 ऐसी बिल्डिंग हैं, जिनके खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश पास है।