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लखनऊ को इस साल 2000 आशियाने की सौगात देगा एलडीए

Mon, 27 Mar 2017 02:01 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : demo pic
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योगी सरकार के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपना बजट ही बदल दिया है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के तुरंत बाद वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए तैयार किया गया बजट अब दुबारा से बनाया जा रहा है।
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यह बदलाव एलडीए के बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) को पूर्व में शामिल नहीं करने की वजह से करना पड़ा है। अब एलडीए मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही पीएमएवाई का प्रस्ताव शामिल किया जा रहा है। बजट में शामिल हुए प्रस्ताव के मुताबिक पहले साल में एलडीए 2000 आशियाना बनाएगा।

बजट बनाने की प्रक्रिया से जुड़े एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि नई सरकार बनने के बाद पूरा बजट ही रिवाइज करना पड़ रहा है। असल में पिछली सरकार की योजना में शामिल समाजवादी आवास को ही अफोर्डेबल हाउसिंग वर्ग में रखकर फ्लैट्स के निर्माण किए जाने थे।
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इसके लिए बजट प्रस्ताव भी रखा गया। अब जब चुनाव परिणाम आने के बाद सूबे में सरकार ही बदल गई। ऐसे में तुरंत एलडीए में बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना को शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। इसके लिए बजट प्रस्ताव के ड्राफ्ट को भी वीसी कार्यालय से वित्त विभाग को वापस कर दिया गया।

सब्सिडी मिलेगी तो बिकना भी आसान

वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मौजूदा वित्तीय वर्ष में बनाए जाने वाले फ्लैट्स की संख्या के मुताबिक अब बजट का आकलन किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने अगले पांच साल में 10,000 यूनिट फ्लैट्स बनाने की योजना बनाई है।

ऐसे में 2017-18 में 2000 फ्लैट्स का निर्माण करना होगा। इन भवनों के निर्माण पर कितना बजट आएगा, इसका आकलन कॉस्ट विभाग और इंजीनियरिंग विभाग की मदद से किया जा रहा है। इसका आकलन होने के बाद बजट प्रस्ताव में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए एक बजट तय कर लिया जाएगा।

इससे बजट पास होते ही फ्लैट्स का निर्माण तुरंत शुरू किया जा सकेगा। जरूरत होने पर बोर्ड से अनुमति लेकर इस मद में बजट और फ्लैट्स की संख्या को भी बढ़ाया जा सकता है।
एलडीए पीएमएवाई पर इसलिए भी फोकस कर रहा है, क्योंकि, समाजवादी आवास योजना के लिए आवेदकों में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी।

देवपुर पारा योजना पहले ही फ्लॉप हो चुकी है। इसके बाद बसंत कुंज योजना में भी 1500 फ्लैट्स 2016-17 में ही समाजवादी योजना में बनाए जाने प्रस्तावित हैं। पीएमएवाई में केंद्र सरकार ब्याज पर सब्सिडी भी दे रही है। ऐसे में इस योजना में फ्लैट्स बनने पर इनके बिकने की संभावना ज्यादा बन रही है।
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राज्यमंत्री बोले : प्रधानमंत्री आवास में ज्यादा लाभ

डेमो
पीएमएवाई में इस तरह मिलना फायदा
- 9 लाख रुपये तक के लोन पर चार प्रतिशत ब्याज दर की सब्सिडी (ईडब्ल्यूएस)
- 12 लाख रुपये तक के लोन पर तीन प्रतिशत ब्याज दर की सब्सिडी (एलआईजी)
- 3 लाख रुपये ईडब्ल्यूएस के आय सीमा
- 6 लाख रुपये एलआईजी केलिए आय सीमा
- 9 व 12 लाख रुपये की सीमा से अधिक लोन पर सामान्य ब्याज दर लागू

एलडीए आए आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी ने भी अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लोगों को देने के निर्देश दिए थे। उनका कहना है कि समाजवादी आवास भले ही अफोर्डेबल हाउसिंग वर्ग में बनाए गए, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना में होम लोन के ब्याज पर मिल रही सब्सिडी की वजह से लोगों के लिए घर खरीदना ज्यादा आसान होगा।

एलडीए का जो बजट तैयार किया जा रहा है। उसके मुताबिक, 3100 करोड़ रुपये शहर के विकास पर खर्च किए जाएंगे। यह खर्च सड़क बनाने, फ्लैट्स बनाने, शासकीय प्रोजेक्ट को पूरा करने, पार्कों के विकास, लैंडबैंक बनाने पर होना है। यह बजट कहां से आएगा।

इसके लिए भी प्रस्ताव बजट में शामिल किए गए हैं। आय का मुख्य स्रोत एलडीए की संपत्तियां बेचना ही होगा। इसके अलावा अवैध निर्माण पर कार्रवाई कर शमन शुल्क की वसूली, एलडीए की कॉमर्शियल संपत्तियों और पुरानी आवासीय योजनाओं से किराया भी आय में शामिल है।

‘प्रधानमंत्री आवास योजना को मौजूदा बजट में शामिल किया जा रहा है। इसके लिए अभी बजट प्रस्ताव कर एक धनराशि भी रिजर्व की जाएगी। इससे पीएमएवाई पर मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही काम शुरू हो सकेगा। बजट में बदलाव के लिए प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब इसे तैयार कर एलडीए बोर्ड में बजट पास होने के लिए रखा जाएगा।’ - उमेश शुक्ला, वित्त नियंत्रक, एलडीए
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