एलडीए ने अपने फ्लैट्स के दाम चोरी छिपे बढ़ा दिए हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने फ्लैटों के कारपेट एरिया की जगह अब सुपर एरिया दर्ज कर रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। यानी अब फ्लैट के क्षेत्रफल के साथ कॉरिडोर, सीढ़ी और पार्किंग सहित कॉमन एरिया की कीमत भी देनी पड़ेगी।
इससे फ्लैट की कीमत में 20 फीसदी तक उछाल आ गया है। एलडीए की ओर से हाल ही लॉन्च की गई 1000 फ्लैटों और मार्च तक लॉन्च होने वाले 2800 फ्लैटों की कीमत सुपर एरिया के नाम पर ही वसूली जाएगी। हालांकि बड़ी ही चालाकी के साथ इसका जिक्र पंजीकरण पुस्तिका में नहीं किया गया है। ऐसे में बाद में जब आवंटी अपने फ्लैट का क्षेत्रफल परखेगा तो उसको 20 से 30 फीसदी तक क्षेत्रफल कम मिलेगा।
एलडीए ने 15 अगस्त के लगभग एक हजार फ्लैटों की स्कीम अपनी विभिन्न योजनाओं में लॉन्च की है। इनकी कीमत आठ लाख रुपये से लेकर सवा करोड़ रुपये के बीच है। इनमें सोपान, जनेश्वर मिश्र एन्क्लेव, सरयू एन्क्लेव और कुछ अन्य स्कीमें शामिल हैं। इंजीनियरिंग विभाग ने 2800 फ्लैटों की स्कीम को लेकर एक और प्रस्ताव अधिकारियों के सामने रखा है।
अब तक ये घालमेल निजी बिल्डर करते रहे हैं। आवंटियों को फ्लैट का जो क्षेत्रफल बताया जाता है, वह सुपर एरिया के हिसाब से होता है। मिसाल के तौर पर 950 वर्ग फीट कारपेट एरिया वाले फ्लैट को अगर सुपर एरिया में परिभाषित किया जाएगा तो ये 1200 वर्ग फीट तक पहुंच जाएगा।
इसमें कॉरिडोर, जीने, बेसमेंट और पार्किंग एरिया भी शामिल होगा। ऐसे में अधिक क्षेत्रफल का भुगतान करने के बावजूद आवंटियों को छोटे फ्लैट मिलेंगे। ऐसे में बिना कोई प्रत्यक्ष बढ़ोतरी के फ्लैटों का दाम 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गया है। प्राधिकरण ने ऐसा कर के आवंटियों को बड़ा झटका दिया है।
लविप्रा के मुख्य अभियंता ओपी मिश्र का कहना है, इस संबंध में अब नीति निर्धारित है, पूरी कास्ट जोड़ कर ही एरिया भी तय होना है, ताकि बाद में आवंटियों काे और धन का भुगतान न करना पड़े। इसलिए सुपर एरिया के तहत कीमत तय की गई है।