पार्क के सुंदरीकरण के नाम पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में गोलमाल का पता चला है।
रतन खंड स्थित संत गाडगे जी महाराज जलाशय पार्क के सुंदरीकरण के लिए 45 लाख रुपये का टेंडर हुआ था, लेकिन एलडीए के इंजीनियर और ठेकेदार सिर्फ शौचालय और एक गेट बनवाकर पूरी रकम डकार गए।
इस पार्क का व्यापक तरीके से सुंदरीकरण होना था, लेकिन चर्चा है कि महज ढाई लाख रुपये खर्च कर पूरी राशि को समाप्त बता दिया गया।
जलाशय पार्क के सुंदरीकरण में कमियों को लेकर संत गाडगे जी महाराज धोबी महासभा के प्रदेश सचिव जयराम कन्नौजिया ने बुधवार को प्राधिकरण उपाध्यक्ष से शिकायत की।
इसके बाद एलडीए के उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने जांच कर रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट मुख्य अभियंता ओपी मिश्र से मांगी गई है।
2006 में उप्र संत गाडगे धोबी महासभा की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इसका जिम्मा लिया था।