ज्यादा कीमतों की वजह से एलडीए के 3200 फ्लैट नहीं बिक पा रहे हैं। अब एलडीए इन फ्लैटों की कीमत और इसके आकलन के तरीके का रिव्यू कराएगा। इन फ्लैटों की कीमतों की तुलना दूसरी सरकारी एजेंसी और निजी बिल्डरों की ग्रुप हाउसिंग से भी कराई जाएगी।
उम्मीद है कि एलडीए के फ्लैटों की कीमतों की दरों में कटौती की जाएगी। वीसी डॉ. अनूप यादव ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में फ्लैट नहीं बिक पाने की वजह की समीक्षा की गई थी। इसमें यह देखने में आया कि कहीं न कहीं कीमत एक बड़ा फैक्टर है, जिससे खरीदार दूरी बनाए हैं।
अब एक विशेषज्ञ समिति को इन कीमतों का रिव्यू करने के लिए बनाया जा रहा है। यह समिति निजी और सरकारी दोनों निर्माण एजेंसी के फ्लैटों और कीमत के आकलन के उनके तरीके को रिव्यू करेगी।
उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि निजी बिल्डरों से एलडीए के फ्लैटों की कीमत कम होनी चाहिए। इसके उलट हमारे फ्लैटों की कीमत ज्यादा होती है। हालांकि, वीसी का कहना है कि रिव्यू के बाद ही कीमतों के घटाने पर फैसला लिया जाएगा।