वर्ष 2031 तक आते-आते लखनऊ की आबादी 75 लाख से अधिक होगी। बढ़ती आबादी के हिसाब से ही भविष्य के लिए सिटी प्लानिंग की जा रही है। मास्टर प्लान 2031 में इस बात का खास खयाल रखते हुए शिक्षा, चिकित्सा,स्वास्थ्य, सुरक्षा और बिजली समेत अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं।
आगामी 25 नवंबर को होने वाली एलडीए की बोर्ड बैठक में इसी मास्टर प्लान पर चर्चा होगी और खामियों को दूर करने की मंजूरी ली जाएगी। शासन दो माह में मास्टर प्लान को तैयार कर देगा।
बोर्ड मीटिंग में 1400 जनसुविधाओं के लिए लैंडयूज तय किए जाएंगे। एक हजार फ्लैटों की स्कीम, समेत कई अन्य प्रस्ताव भी पास होंगे।
अगले दो महीने में लखनऊ मास्टर प्लान-2031 शासन पास कर देगा। 197 गांवों के पुनरीक्षित मास्टर प्लान को लेकर प्राधिकरण की भारी फजीहत हुई है।
प्राधिकरण ने एक और मास्टर प्लान बनाने का फैसला करीब छह महीने पहले ही कर दिया था। मास्टर प्लान-2031 में कई नई चीजें जोड़ी जाएंगी। सड़कों की चौड़ाई वाहनों की संख्या के आधार पर तय होगी।
सर्वे शुरू कर दिया गया है। मुख्य रूप से अशोक मार्ग, कालीदास मार्ग और लोहिया पथ को इसमें शामिल किया गया है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति के आधार पर पाइप लाइन, अग्निशमन केंद्र, कूड़ाघर, साइकिल ट्रैक, कुछ अन्य ऐसे बिंदु हैं, इन बातों का ख्याल मास्टर प्लान-2031 में रखा जाएगा।
महायोजना 2031 पास होने के बाद हरदोई रोड, सीतापुर रोड, कुर्सी रोड, सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड और नगराम के उन 197 गांवों में एलडीए अपनी आवासीय, एजुकेशनल या कॉमर्शियल योजनाएं ला सकेगा।