हाईकोर्ट में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 48 अवैध इमारतों की जो सूची दी है, उसमें अधिकांश ट्रांसगोमती की छोटी इमारतें हैं। इनमें मकान में कामर्शियल एक्टिविटी करने वालों को मुख्य रूप से घेरा गया है।
सभी 48 आवास मालिकों पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है और उनकी बिल्डिंग सील की जा चुकी हैं। मगर बड़ी बड़ी इमारतों की सूची हाईकोर्ट को नहीं दी गई है।
यहां तक कि शीशमहल क्षेत्र की इमारतों को भी सूची में नहीं शामिल किया गया है। ऐसे में प्राधिकरण ने हाईकोर्ट को दिखाने के लिए जो भी कार्रवाई की है, उससे शहर में अवैध निर्माण पर कोई बड़ा असर पड़ेगा, इसको लेकर बड़ा सवालिया निशान लग चुका है।
हाईकोर्ट को सौंपी गई सूची को जारी कर दिया गया है। एलडीए को अवैध निर्माण और बिना पार्किंग के बनाए गए कॉमर्शियल निर्माणों पर उसने क्या कार्रवाई की, इसका जवाब हाईकोर्ट को देना था।
शीशमहल का नाम भी नहीं
इसे लेकर 48 अवैध बिल्डिंगों की सूची एलडीए ने 22 नवंबर को हाईकोर्ट को उपलब्ध करवाई थी। इन बिल्डिंगों को बनाने वालों पर मुकदमा भी प्राधिकरण की ओर से दर्ज करवाया गया है। ये इमारतें भी सील की जा चुकी हैं।
सबसे अधिक चौंकाने वाली बात ये है कि हाईकोर्ट को जो सूची सौंपी गई है उसमें शीशमहल क्षेत्र की जो डेढ़ दर्जन अवैध इमारतें हैं, उनमें से एक को भी शामिल नहीं किया गया है।
यही नहीं पुराने शहर के अन्य रसूखदारों की इमारतों को को भी इस सूची में नहीं शामिल किया गया है। अवैध निर्माण का गढ़ बन चुके कानपुर रोड की भी एक बिल्डिंग सूची में नहीं है।
निशानदेही की जद में आ चुकी दर्जनों इमारतों को प्राधिकरण के अभियंता सूची में शामिल कराने से कतरा रहे हैं।
एलडीए की अपर सचिव सीमा सिंह ने बताया कि 22 तक जिन अभियंताओं ने अपनी सूची तैयार कर ली थी, उनकी रिपोर्ट हाईकोर्ट को उपलब्ध करा दी गई है।
इसके अलावा बाकी सभी जोन से अवैध इमारतों की सूची तलब की गई है। उनका भी शेड्यूल तैयार किया जाएगा।
इंजीनियर आज देंगे अवैध इमारतों की लिस्ट
अवैध निर्माण विरोधी अभियान के संबंध में हाईकोर्ट को शेड्यूल देने की कवायद एलडीए ने शुक्रवार को शुरू कर दी।
इसे देखते हुए सभी जोन के अधिशासी अभियंताओं को शनिवार शाम तक अपने-अपने जोन की अवैध बिल्डिंगों की सूची प्रेषित करने का निर्देश दिया गया।
इस सूची के आधार पर अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तय किया जाएगा। एलडीए चार दिसंबर के बाद सबसे पहले 15 दिन का अवैध निर्माण विरोधी बड़ा अभियान चलाएगा। इसको लेकर शेड्यूल बनाने का काम शुरू हुआ है।
अपर सचिव सीमा सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक हुई। सीमा सिंह ने बताया कि सभी अधिशासी अभियंताओं से उनके जोन में अवैध इमारतों का रिकार्ड मांगा गया है, ताकि शेड्यूल बनाने का काम शुरू कर दिया जा सके।
15 दिनों के सभी कार्य दिवसों पर कम से कम दो ध्वस्तीकरण और सीलिंग का अभियान चलाया जाएगा।