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99 साल के लिए कमता बस अड्डा लीज पर देगा एलडीए

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99 साल के लिए कमता बस अड्डा लीज पर देगा एलडीए
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करीब 120 करोड़ रुपये से तैयार कमता में बजट होटल संग बस अड्डा आने वाले दिनों में उपयोगी साबित हो सकता है।
इसे एलडीए 99 साल की लीज पर यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) को दे सकता है।
परिवहन निगम इसके प्रीमियम के 20 करोड़ रुपये चार सालाना किस्तों में भुगतान करेगा। एलडीए बोर्ड से अनुमति के लिए प्रस्ताव अगली बैठक में रखने जा रहा है।
वीसी प्रभु एन सिंह ने बताया कि रोडवेज बसों का कमता से संचालन को यह बजट होटल संग बस अड्डे का प्रोजेक्ट तैयार किया गया।
इसके बनने के बाद बसें चलाने के लिए यूपीएसआरटीसी ने हाथ खींच लिए। नए एमडी राजशेखर के आने के बाद दोबारा से इसे उपयोग में लेने पर सहमति बनी।
यूपीएसआरटीसी की ओर से एकमुश्त की जगह किस्तों में भुगतान लेने के लिए पत्र भेजा गया था।
शहर को जाममुक्त बनाने और जनसुविधा को देखते हुए तय किया गया कि इसे 99 साल की लीज पर यूपीएसआरटीसी को दे दिया जाए।
प्रीमियम के रूप में 20 करोड़ रुपये अगले चार साल में यूपीएसआरटीसी से पांच-पांच करोड़ रुपये का भुगतान लिया जाएगा। इसके बाद बोर्ड से तय सालाना रेंट पर बस अड्डा के उपयोग को शुरू करा दिया जाएगा।
अभी सफेद हाथी साबित हो रहा प्रोजेक्ट
सपा सरकार में तत्कालीन वीसी सत्येंद्र सिंह के कार्यकाल में बना बजट होटल संग बस अड्डे का प्रोजेक्ट चार साल से शोपीस बना हुआ है। कई बार इसके उपयोग और होटल के संचालन का प्रयास हुआ। खर्च को देखते हुए होटल कभी शुरू ही नहीं हो सका। वहीं, बस अड्डे के हैंडओवर पर यूपीएसआरटीसी और एलडीए सहमति नहीं बना पाए। इसे पहले यूपीएसआरटीसी की ओर से खरीदने का प्रस्ताव भी बना था। हालांकि, वह इसकी कीमत देने को तैयार नहीं हुआ।
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‘जैसा है, वैसा है’ के आधार पर बिकेगा होटल
बस अड्डे के ऊपर बने बहुमंजिला होटल का संचालन पीपीपी मॉडल पर कराने की जगह अब इसे बेचने की तैयारी है। वीसी का कहना है कि बस अड्डा शुरू होने के बाद होटल को ‘जैसा है, वैसा है’ के आधार पर बेच दिया जाएगा। अभी इसमें फिनिशिंग का काम बाकी है।
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सीतापुर रोड की जमीन भी किराये पर देगा एलडीए
वीसी ने बताया कि सीतापुर रोड पर मौजूद बस अड्डे की जमीन को भी एलडीए किराये पर यूपीएसआरटीसी को देगा। इसके लिए आकलन कर लिया गया है। बोर्ड में किराये पर दिए जाने की अनुमति ली जाएगी। इसके बाद यूपीएसआरटीसी से सहमति बनाकर इसका भी उपयोग शुरू करा दिया जाएगा। दोनों ही जगह बसें शहर के बाहर से संचालित कर इनके शहर के अंदर आने से रोकने को बनी योजना में तय की गई थीं।
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