राजधानी लखनऊ में पर्यावरण संतुलन और शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए एलडीए नया मोबाइल एप तैयार कर रहा है। कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन असेसमेंट टूल नाम के इस एप के जरिये शहर के पार्कों में लगे पेड़ों की सेहत और उनके कार्बन अवशोषण की निगरानी की जाएगी। इससे यह पता चलेगा कि कौन सा पेड़ पर्यावरण से कितना कार्बन सोख रहा है। भविष्य में इसके आधार पर एलडीए कार्बन क्रेडिट का दावा भी कर सकेगा।
एप के माध्यम से पार्क में मौजूद हर पेड़ को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान और जीपीएस स्थान दिया जाएगा। कर्मचारी पेड़ की प्रजाति और उसके तने का मोटाई एप में दर्ज करेंगे। एप का तने के आकार और पेड़ की उम्र के हिसाब से कुल बायोमास की गणना करेगा। इसी बायोमास के आधार पर यह पता चलेगा कि उस पेड़ ने अपने जीवनकाल में कुल कितना कार्बन सोखा है। यह भी जानकारी मिलेगी कि वह सालाना कितनी ग्रीन हाउस गैसों को वायुमंडल से कम कर रहा है।
एलडीए के पास पार्कों से होने वाले कार्बन अवशोषण का प्रमाणित डाटा उपलब्ध होने पर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत कार्बन क्रेडिट का दावा किया जा सकेगा। इसे भविष्य में वित्तीय लाभ या अन्य विकास कार्यों के लिए बेचा भी जा सकेगा। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार का कहना है कि एप की मदद से अधिक प्रदूषण वाले इलाकों की पहचान कर वहां पीपल, बरगद और नीम जैसे अधिक कार्बन सोखने वाले पेड़ लगाने की योजना भी बनाई जा सकेगी।