बिना किसी पूर्व सूचना के सदर तहसील परिसर में बने वकीलों के कुछ चैम्बर प्रशासन के हटाने से नाराज वकीलों ने मंगलवार को हंगामा कर काम काज ठप्प करा दिया। इस दौरान आक्रोशित वकीलों ने तहसील के कुछ कमरों में जबरन ताला बंदी भी कर दी। इससे एसडीएम व तहसीलदार सहित तहसील परिसर में करीब तीन घण्टे कार्य न होने से आम लोगों को काफी परेशानी भी हुई।
एसडीएम की कारवाई से नाराज वकीलों ने इसे उत्पीड़न की कारवाई बताते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील के गेट पर ताला जड़ दिया और बाहर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। वकीलों का आरोप था कि एसडीएम ने बिना नोटिस दिए उनका चैंबर तोड़ दिया जिसका मुआवजा देना चाहिए। दूसरी तरफ एसडीएम सदर प्रफुल त्रिपाठी का कहना था कि प्रशासन ने परिसर में अवैध तौर से बने सिर्फ कुछ ऐसे चैम्बर्स को ही हटाया गया है, जो तहसील के कार्य से जुड़े न होने के बावजूद जमीन कब्जा कर चैंबर बनाए हुए थे। इस कारवाई में तहसील से जुड़े किसी भी वकील का कोई चैंबर नहीं तोड़ा गया।
आक्रोशित वकीलों के धरना प्रदर्शन की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे एडीएम प्रशासन से वकीलों ने तोड़े गए चेंबर का दोबारा निर्माण कराए जाने और नुकसान के मुआवजे की मांग की। इस संबंध में सदर तहसील से जुड़े वकीलों के संगठन से बातचीत के बाद उचित निर्णय के आश्वासन बाद वकीलों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया। इसके बाद ही काम काज शुरू हुआ।