बाराबंकी में पुलिसकर्मियों द्वारा एक साथी वकील को पीटने से नाराज वकीलों ने कोहराम मचा दिया। वकीलों ने तीन सिपाहियों और तीन चौकी इंचार्ज की भी पिटाई की। घटना इस प्रकार है।
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एक वकील को शहर कोतवाली पुलिस बुधवार की रात घर से उठा लाई और उसकी कोतवाली में ही जमकर पिटाई की।
इसी से आक्रोशित वकीलों ने बृहस्पतिवार सुबह हाईवे जाम कर दिया और पुलिस के विरोध में नारेबाजी करने लगे।
इसके बाद जो भी पुलिस कर्मी वहां पहुंचा उसे वकीलों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिस की तीन बाइकें भी क्षतिग्रस्त कर दीं।
कोतवाल को निलंबित करने की मांग
आक्रोशित वकील शहर कोतवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निलंबन की मांग कर रहे थे।
डेढ़ घंटे बाद पुलिस व प्रशासन के लोग किसी तरह अधिवक्ता संघ के कार्यालय पहुंचे और वहां आश्वासन दिया कि कोतवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी तब कहीं जाकर वकील शांत हुए।
देर शाम पुलिस द्वारा 11 नामजद व 150 अज्ञात वकीलों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शहर कोतवाली के दीनदयालनगर मोहल्ले के रहने वाले अधिवक्ता जयभान वर्मा का उनके पड़ोस में रहने वाले कुछ युवकों से तीन दिन पूर्व विवाद हो गया था।
पुलिस ने इस मामले में अधिवक्ता के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की थी। वकीलों का आरोप है कि बुधवार की रात शहर कोतवाल रामपाल यादव अधिवक्ता जयभान वर्मा को उनके घर से पकड़ लाए और कोतवाली लाकर उनकी जमकर पिटाई कर दी।
पहले चौकी प्रभारी को पीटा
इसी बात को लेकर बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे अधिवक्ताओं ने कचहरी गेट के सामने हाईवे पर आकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसी बीच वहां गदिया पुलिस चौकी प्रभारी अश्विनी मिश्रा पहुंचे और वकीलों को शांत कराने लगे। तभी गुस्साए अधिवक्ताओं ने उनकी जमकर पिटाई कर दी।
किसी तरह से वे वकीलों के चंगुल से निकलकर भागे। इसके बाद वहां पहुंचे सिविल लाइंस चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह व पुलिस की चीता मोबाइल से आए दो सिपाहियों को भी वकीलों ने हाईवे पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
माहौल ऐसा था कि वकीलों के भय से कचहरी की ओर कोई भी वर्दीधारी जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इस बवाल के काफी देर बाद मौके पर पहुंचे एएसपी डॉ. ओपी सिंह, एसडीएम सदर एसएस अवस्थी व सीओ सिटी विशाल विक्रम सिंह पर भी वकीलों ने ईंटें फेंककर पथराव करना शुरू कर दिया।
काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने वकीलों को शांत कराया और बातचीत के लिए अधिवक्ता संघ के कार्यालय लेकर पहुंचे।
प्रशासन भी सहम गया
एएसपी के साथ जिला बार एसोसिएशन कार्यालय पहुंचे आवास विकास चौकी प्रभारी सतीश यादव को तो वकीलों ने वहीं पीट डाला। वकीलों की मांग थी कि शहर कोतवाल रामपाल यादव को निलंबित कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए।
इसके बाद जब एएसपी ने रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया तब जाकर वकील शांत हुए और प्रदर्शन बंद किया। घटना के बाद कचहरी गेट व आसपास कई थानों की पुलिस व पीएसी बल की तैनाती की गई है।
वकीलों द्वारा पुलिस कर्मियों की पिटाई करने के बाद इस मामले में कार्रवाई करने का साहस देर शाम तक जिला प्रशासन भी नहीं जुटा सका।
देर शाम पुलिस पर हमला करने के मामले में 11 नामजद व 150 अज्ञात वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शहर कोतवाल रामपाल यादव ने बताया कि सिविल लाइंस चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह की तहरीर पर यह रिपोर्ट दर्ज हुई है।
नामजद वकीलों में जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कौशल किशोर त्रिपाठी, देशदीपक, आशीष, अजय त्रिपाठी, जाहिद, वीरेंद्र श्रीवास्तव, जयभान वर्मा, इरशाद, मोहित गुप्ता, राजा व यशंवत गौतम के खिलाफ हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़ समेत करीब 15 संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वहीं वकीलों के हमले में घायल हुए पुलिस कर्मी सिविल लाइंस चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह, आवास विकास चौकी प्रभारी सतीश यादव, गदिया चौकी प्रभारी अश्विनी मिश्रा व सिपाही संजय श्रीवास्तव व नन्हेलाल का पुलिस ने चिकित्सीय परीक्षण करवाया है।
इस घटना पर एसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि वकीलों द्वारा कोतवाली पुलिस पर जो आरोप लगाए गए हैं उसकी जांच सीओ सिटी विशाल विक्रम सिंह को सौंपी गई है। सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद यदि शहर कोतवाली पुलिस की लापरवाही या दोष मिलता है तो संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।