एसडीएम सदर के कार्यालय में हुई मामूली तकरार के बाद वकीलों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जमकर उपद्रव किया। कोर्ट कक्ष में तोड़-फोड़ की। मामला शांत कराने पहुंचे एसीएम तृतीय व एडीएम सिटी पश्चिम की पिटाई की।
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घटना की जानकारी के बाद डीएम सत्येंद्र सिंह मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं एक घंटे देरी से पहुंची पुलिस पकड़े गए वकीलों को भगाने में लग गई। इससे खफा कलेक्ट्रेट के सभी अफसर और कर्मचारी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक दोपहर बाद से हड़ताल पर चले गए। रात में डीएम ने मामले की एडीएम टीजी अशोक कुमार को जांच सौंपी है।
शुक्रवार दोपहर करीब पौने दो बजे अचानक एसडीएम सदर के कार्यालय कक्ष में कुछ वकील झुंड में पहुंचे। उन्होंने कर्मचारी अमित से किसी केस की फाइल रिपोर्ट देने को कहा। इसमें आनाकानी होने पर ही वकीलों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने मौजूद कर्मचारी व पेशकार के साथ बदसुलूकी शुरू कर दी।
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शोरगुल सुन आस-पास के कक्षों में मौजूद कर्मचारी बीच बचाव करने पहुंच गए। इसपर वकीलों ने कलेक्ट्रेट कर्मियों को गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी।
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एसीएम के पहुंचते ही शुरू कर दी हाथापाई
डीएम से मिलने पहुंचे अनिल कुमार व जयशंकर दुबे।
- फोटो : amar ujala
हंगामे की जानकारी पर एडीएम सिटी पश्चिम जयशंकर दुबे ने एसीएम तृतीय अनिल कुमार मिश्रा को भेजा। मिश्रा के पहुंचते ही वकीलों ने उनसे हाथापाई शुरू कर दी। नाराज वकील एसीएम पर कर्मचारियों का साथ देते हुए मोबाइल से वीडियो क्लिप बनाने का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई कर दी।
इसके साथ ही कमरे में तोड़ फोड़ शुरू कर मौजूद कुर्सियां मेज व फाइल बाहर फेंकना शुरू कर दी। वकीलों के हंगामे की खबर पूरे कलेक्ट्रेट में फैल जाने से कार्यालय कक्षों में कार्य कर रहे सभी मौजूद एडीएम व एसीएम अन्य कलेक्ट्रेट कर्मियों के साथ कक्ष संख्या तीन के समक्ष पहुंचने लगे। उपद्रवी वकीलों ने मौके पर मौजूद एडीएम सिटी पश्चिम जयशंकर दुबे सहित अन्य अफसरों के साथ भी हाथापाई की।
अधिकारी कर्मचारी पिटे फिर भी गायब रहे डीएम
कलेक्ट्रेट में घंटो चले बवाल में एडीएम व एसीएम स्तरीय अफसरों के साथ कर्मचारियों की पिटाई और तोड़ फोड़ की। जानकारी मिलने के बाद भी पीसीएस से आईएएस बने जिला प्रशासन के मुखिया डीएम सत्येंद्र सिंह मौके पर नहीं पहुंचे। बताया कि वे आईएएस वीक में कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।
पुलिस का कमाल: अफसरो के खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया
कोतवाली पहुंचे वकीलों ने यहां भी हंगामा किया
- फोटो : amar ujala
लखनऊ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मारपीट में शामिल वकीलों ने देर शाम कैसरबाग कोतवाली पहुंचकर केस दर्ज कराने को लेकर हंगामा किया।
दबाव में पुलिस ने एडीएम सिटी पश्चिम जयशंकर दुबे, एडीएम एफआर निधि श्रीवास्तव व एसीएम तृतीय पीके मिश्रा के खिलाफ मोबाइल सहित नगदी लूट का मुकदमा दर्ज कराया। इससे नाराज कलेक्ट्रेट अफसरों ने देर रात डीएम आवास का घेराव किया। बार एसोसिएशन ने शनिवार को सिविल कोर्ट समेत अन्य कोर्ट में वकीलों के काम काज न करने का ऐलान किया है।
खफा अफसरों ने रात में घेरा डीएम बंगला तो केस निरस्त
तीन अफसरों के खिलाफ केस दर्ज होने से आक्रोशित जिला प्रशासन में तैनात सभी पीसीएस अफसर देर रात डीएम आवास पहुंचे और घेराव किया।
डीएम व एसएसपी के साथ हुई वार्ता के बाद तीनों अफसरों के खिलाफ केसरबाग में एफआईआर निरस्त किए जाने और लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी इंचार्ज अमर नाथ को निलंबित किए जाने के निर्देश के बाद पीसीएस अफसर ही शांत हुए। आरोपी वकीलों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई है।
डीएम सत्येंद्र सिंह से मुलाकात करते पीसीएस अफसर
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पीसीएस एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने शनिवार को आपात बैठक बुलाई है। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। बदसलूकी के शिकार अनिल कुमार मिश्रा पीसीएस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी हैं।
अफसरों के कड़े तेवर व लखनऊ बार एसोसिएशन द्वारा शनिवार से अदालती काम काज के बहिष्कार के एलान के बाद टकराव की आशंका गहरा गई है।