उन्नाव दुष्कर्म कांड पीड़िता को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच लखनऊ के केजीएमयू से एयरलिफ्ट कराकर दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसके बाद आज पीड़िता के वकील को भी एयरलिफ्ट किया जा सकता है।
केजीएमयू के मीडिया प्रभारी ने बताया कि वकील अभी भी डीप कोमा में है। डॉक्टरों की टीम निगरानी रखे हुए है। एयरोमेड इंटरनेशनल रेस्क्यू सर्विस के निदेशक डॉ. मनीष अग्रवाल ने बताया कि पीड़िता व वकील दोनों को एयरलिफ्ट कर एम्स ले जाना था, लेकिन एयर एंबुलेंस में एक बार में एक ही व्यक्ति को ले जा सकते हैं। इस वजह से वकील को बाद में ले जाना था, लेकिन मौसम खराब होने से उन्हें बाद में एयरलिफ्ट किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पीड़िता के परिवार के अनुरोध पर यह आदेश दिया था। जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरूद्ध बोस की पीठ ने पहले पीड़िता और वकील को एम्स शिफ्ट करने के मामले की सुनवाई शुक्रवार के लिए स्थगित कर दी थी क्योंकि दोनों के परिवार की ओर से इस संदर्भ में कोई अनुरोध नहीं किया गया।
हालांकि फैसले के कुछ ही मिनट बाद पीड़िता के वकील ने पीठ के सामने पेश होकर कहा कि पीड़िता की मां बेहतर इलाज के लिए बेटी को एम्स लाना चाहती है तो कोर्ट ने तत्काल अनुमति दे दी।
पीठ ने कहा कि यदि वकील के परिजन भी उसे एम्स लाना चाहते हैं तो इसके लिए कभी भी आवेदन कर सकते हैं। पीठ ने एम्स प्रशासन को पीड़िता और उसके वकील के इलाज और देखभाल के लिए आवश्यक इंतजाम करने के भी निर्देश दिए।