अपनी मांगों को लेकर विधानभवन घेरने की कोशिश कर रहे आयुर्वेद व यूनानी फार्मासिस्टों पर बृहस्पतिवार को पुलिस ने जमकर लाठियां चलाईं। इस दौरान आधा दर्जन से ज्यादा फार्मासिस्ट जख्मी हो गए। संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष समेत दो फार्मासिस्ट को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
नियुक्ति की मांग को लेकर बेरोजगार आयुर्वेद, यूनानी फार्मासिस्ट संघर्ष समिति के बैनर तले फार्मासिस्ट गत पांच सितंबर से लक्ष्मण मेला मैदान में धरना दे रहे हैं।
गत 29 सितंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आश्वासन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज दर्जनों फार्मासिस्ट बृहस्पतिवार को अलग-अलग ग्रुप में विधानभवन के सामने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।
पुलिस ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन फार्मासिस्ट लक्ष्मण मेला मैदान लौटने को तैयार नहीं हुए।
मच गई भगदड़
आखिरकार, पुलिस ने फार्मासिस्टों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं, जिससे वहां भगदड़ मच गई। लाठीचार्ज में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार का सिर फट गया और एक अन्य प्रदर्शनकारी अभिषेक के सिर में गंभीर चोटें आईं।
दोनों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनके अलावा, संगठन की उपाध्यक्ष अल्पना पाल, प्रवक्ता चौधरी गोपाल सिंह, सौरभ तिवारी, आशीष, देवेंद्र पाल और सुषमा भी लाठीचार्ज में जख्मी हो गए।
इस मौके पर प्रदेश महामंत्री अनुराग द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश में कुल 1678 चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेद व यूनानी के पद सृजित हैं, इसलिए इसके आधार पर इतने ही पद फार्मासिस्टों के सृजित कर उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए।