केंद्र सरकार से बजट की पहली किश्त भी जारी हो चुकी है लेकिन 11 महीने बीतने के बाद भी शासनादेश जारी नहीं किया गया। प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ल का आरोप है कि बजट 2018 व 19 में मानदेय 17000 से घटाकर 9800 रुपये का प्रस्ताव भेजा जा रहा है, जो अनुदेशकों के साथ धोखा है।
प्रदेश महामंत्री महेंद्र पाठक ने बताया कि अनुदेशकों के नवीनीकरण में अधिकारी शासनादेश की गलत व्याख्या कर हर साल अनुदेशकों की संविदा समाप्त करने की धमकी देकर शोषण कर रहे हैं। उन्होंने स्वत: नवीनीकरण का आदेश जारी करने की मांग की।