स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से तैनात आशा बहुओं ने मंगलवार को 5000 रुपये प्रतिमाह मानदेय की मांग को लेकर विधान भवन का एक बार फिर घेराव किया।
मनाही के बावजूद प्रदर्शन पर उतारू आशाओं पर पुलिस ने जमकर लाठी बरसाईं। कई आशा बहुएं घायल होकर जमीन पर गिर गईं।
कुछ को अस्पताल पहुंचाया गया। शाम को पुलिस ने उन्हें जबरन बसों में ठूंस कर चारबाग के आगे ले जाकर छोड़ दिया। आशा बहुओं ने बुधवार से पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है।
आशा बहू कल्याण समिति के तहत प्रदेश भर से आई आशा बहुओं ने एक बार फिर विधान भवन घेरा और 5000 रुपये मानदेय की मांग की।
साथ ही, राज्य कर्मचारियों की तरह सुविधाएं देने की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने इस बार कोई ढील न देते हुए उन्हें विधान भवन से खदेड़ना शुरू किया।
दिन में 11.30 बजे जब आशाओं ने नारेबाजी के साथ उग्र प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस लाठियां बरसाने लगी।
महिला की जगह पुरुष पुलिस कर्मियों ने उन्हें अभद्रतापूर्वक धरना स्थल पर कैद कर दिया।
गंभीर रूप से घायल गीता तिवारी, सीमा पटेल, चंदा मौर्या, चमेली व शिव कुमारी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस आशा बहुओं की नेता प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह व कोषाध्यक्ष दुर्गावती को गिरफ्तार कर हजरतगंज कोतवाली ले गई।
दिन भर के हंगामे के बाद जिला प्रशासन व पुलिस ने आशाओं को गिरफ्तारी के लिए मजबूर किया। उनका कहना था हमारी नेता सीमा सिंह को छोड़ो फिर गिरफ्तारी देंगे।
शाम चार बजे पुलिस ने उन्हें जबरन धरना स्थल से दो बसों में ठूंस कर चारबाग के आगे ले जाकर छोड़ दिया। कई को डरा धमका कर घर वापस कर दिया।
इस बीच, आशा बहुओं ने हार न मानते हुए पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह का कहना है कि जेलें भरो या जान ले लो, अब इंसाफ मिलेगा तभी काम शुरू होगा।
उन्होंने चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य संबंधी काम आशाओं की जगह किसी और को नहीं करने दिया जाएगा।