फूड पॉइजनिंग से सोमवार को एक ही परिवार के 14 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। इनमें पांच बच्चे और नौ बड़े शामिल हैं।
सभी ने सोमवार सुबह चाय के साथ टोस्ट खाया था। इसके बाद से ही पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने लगी।
परिवार ने पहले तो बीमारी को मामूली समझा, लेकिन जब हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो आनन-फानन में हरदोई रोड स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज में पहुंचाया गया।
वहां फर्स्ट एड के बाद बेड नहीं मिला तो नौ लोगों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। इनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
दुबग्गा के बेगरिया खेड़ा के सीते विहार में अजय अपनी पत्नी रेनू और बच्चे जतिन (10) के साथ रहते हैं।
उनके साथ भाई विशाल, उसकी पत्नी मोनी (22), बच्चे हिमांशु (8), वैष्णवी (6), मां चंद्रा (50), मोनी की बहन की लड़की शिवानी (10) व मामा का लड़का कुंदन भी रहते हैं।
अजय ने बताया कि सोमवार सुबह 8:30 बजे नाश्ते में पूरे परिवार ने चाय के साथ टोस्ट खाया था। इसके करीब आधे घंटे बाद सभी को पेट दर्द शुरू हो गया।
कुछ देर में उल्टी और दस्त भी होने लगी। तबीयत ठीक होने का इंतजार करते-करते अजय और बच्चों को ठंड लगने लगी, जिससे सभी को रजाई ओढ़ना पड़ गया।
इसके बाद दोपहर में हालत और बिगड़ी तो 108 एंबुलेंस सेवा को फोनकर एक स्थानीय मेडिकल कॉलेज जाने की तैयारी शुरू की गई, लेकिन निजी अस्पताल जाने से कंट्रोल रूम ने मना कर दिया।
अजय ने बताया कि इसके बाद सभी लोग टैम्पो से दोपहर लगभग एक बजे निजी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्हें ड्रिप लगाई गई और दवाएं दी गईं, लेकिन बेड खाली न होने के कारण भर्ती नहीं किया गया।
लगभग एक घंटे तक वहीं इंतजार करने के बाद सभी लोग सोमवार दोपहर लगभग तीन बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया।
अजय ने बताया कि रात तक सभी को इमरजेंसी में रखने के बाद उसे, मोनी और विशाल को संक्रामक रोग अस्पताल भेज दिया गया।
वहीं, जतिन, हिमांशु, वैष्णवी, कुंदन और शिवानी को बाल रोग विभाग में भर्ती कर लिया गया, जहां 24 घंटे बीतने के बाद भी उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।